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टीकमगढ़ में अपर कलेक्टर के रीडर के नाम 3.5 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि का नामांतरण रद्द

टीकमगढ़ में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर के रीडर शंकर प्रसाद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी, मां और पुत्र के नाम दर्ज 3.5 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि का नामांतरण निरस्त कर दिया है। जांच में पाया गया कि श्रीवास्तव ने अपने पद और प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों तथा नियमों की अनदेखी करते हुए इन जमीनों को अपने और परिवार के सदस्यों के नाम करा लिया था। इनमें ग्राम उत्तरी कर्री और मोगनगढ़ की भूमि शामिल है। प्रशासन ने सभी विवादित आदेश रद्द कर जमीनों को पुनः सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्देश दिया है।

टीकमगढ़: गर्भवती महिला ने बड़ागांव सीएचसी से निकलकर सड़क पर दिया शिशु को जन्म, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

टीकमगढ़ के बड़ागांव कॉमन सर्विस सेंटर से रेफर होने के बाद एक गर्भवती महिला आधी रात को बिना बताए चुपचाप निकल गई। अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर दूर सड़क पर ही महिला ने शिशु को जन्म दिया। सुबह जानकारी मिलने पर अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और जच्चा-बच्चा को वापस बड़ागांव अस्पताल में भर्ती कराया। प्रारंभिक जांच में महिला में खून की कमी पाई गई थी, जिसके कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। फिलहाल, मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

पोल्ट्री व्यवसायी से लूट और मारपीट का आरोप, शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं

टीकमगढ़ जिले के बिजरावन गांव के पास एक पोल्ट्री व्यवसायी अभिषेक रजक से दिनदहाड़े कथित लूट और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि दिगौड़ा पुलिस ने ₹50 हजार की कथित लूट और मारपीट की शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की। अभिषेक के अनुसार, मोहनगढ़ से लौटते समय बोलेरो सवार लोगों ने उन्हें रोका, मारपीट की, मोबाइल छीने और ₹50 हजार लूट लिए। बाद में उन्होंने आरोपियों को पहचानकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मजना चौकी पुलिस ने पांच आरोपियों और वाहन को पकड़ा, जिसे बाद में दिगौड़ा पुलिस ले गई। पीड़ित का आरोप है कि इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई और उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।

टीकमगढ़ के 110 सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं, 2025 में 56.67 लाख रुपये जारी

टीकमगढ़ जिले के 110 सरकारी स्कूलों में बिजली नहीं है, जिससे हजारों छात्र अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार के दावों के बावजूद, ये स्कूल बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। वर्ष 2025 में इन स्कूलों में बिजली कनेक्शन के लिए ₹56.67 लाख बिजली विभाग को जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी बिजली नहीं पहुंची। शिक्षकों ने कई बार पत्र लिखे हैं। जिला परियोजना समन्वयक आरपी त्रिपाठी ने समस्या को गंभीर बताया और समाधान के प्रयास की बात कही। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजमेर सिंह ने फंड ट्रांसफर की तकनीकी दिक्कतों को प्रक्रिया पूरी न होने का कारण बताया और कहा कि फाइल लंबित है।