टीकमगढ़ के अमर शहीद नारायणदास खरे की शहीद स्थली और मेला ग्राउंड की भूमि पर विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग के सीमांकन में शहीद स्थल की बाउंड्रीवाल और सामुदायिक भवन का हिस्सा निजी भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है। यह भूमि वर्तमान में दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के पुत्र अभिषेक यादव के नाम दर्ज है। कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने कथित फर्जी बेचनामे का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है। तहसीलदार ने रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की बात कही है, जबकि कलेक्टर यादव ने इसे अपनी पैतृक संपत्ति बताया है और सरकारी भूमि देने का सुझाव दिया है।
टीकमगढ़ शहर में गुरुवार को लापता हुई 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा का शव शुक्रवार शाम महेंद्र सागर तालाब में मिला। परिजनों ने शव की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली पुलिस ने छात्रा की गुमशुदगी की सूचना गुरुवार रात दर्ज की थी और लगातार तलाश कर रही थी। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
टीकमगढ़ में सागर लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के MPW देशराज घोष को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सीएमएचओ कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के एवज में 80 हजार रुपए की घूस मांग रहा था। शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत की शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर उसे पकड़ा। कार्रवाई के दौरान एक अन्य पीड़ित नरेंद्र ने भी आरोपी पर पहले 5 लाख रुपए ऐंठने का आरोप लगाया है, जिसकी जांच चल रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इंदौर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न की कालाबाजारी पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला आपूर्ति विभाग ने गांधीनगर थाना क्षेत्र में छापामार कार्रवाई कर एक लोडिंग वाहन से 29.30 क्विंटल गेहूं और 9.75 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल जब्त किया। इस मामले में लक्ष्मणपुरा निवासी रामजीप्रसाद गुप्ता, वाहन चालक मोहम्मद अली और वाहन मालिक जाकिर हुसैन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी खाद्यान्न के खरीद-बिक्री संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। नगर निगम ने राजवाड़ा क्षेत्र में बिना लाइसेंस चल रही सात दुकानें भी सील कीं।