उज्जैन में 11 प्रमुख मंदिरों के विकास के लिए प्रस्तावित 200 करोड़ रुपये के ‘टेंपल बांड’ को 31 जुलाई तक लॉन्च करने का लक्ष्य था, लेकिन अगस्त शुरू होने के बाद भी ये बांड बाजार में नहीं आ सके हैं। 1124 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत में से केंद्र सरकार 281 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर कर चुकी है और 15 बैंक 600 करोड़ रुपये का ऋण देने में रुचि दिखा चुके हैं। यह देश का पहला संगठित वित्तीय प्रयोग है, जिसमें श्रद्धालुओं को दान के बजाय निवेशक के रूप में मंदिरों के विकास में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा। प्रशासन के समक्ष अब बांड जारी करने और खरीद की तिथि घोषित करने की चुनौती है।