मध्यप्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को 33 साल की उम्र में भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है। चयन के बाद उन्होंने कहा कि क्रिकेट में उम्र नहीं, बल्कि प्रदर्शन और फिटनेस मायने रखती है। सारांश ने बताया कि 2014-15 में पिता को कैंसर होने के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया था, लेकिन पिता के प्रेरणादायक संदेश ने उन्हें वापस आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और पत्नी को दिया। सारांश ने अपने करियर में चंद्रकांत पंडित की भूमिका और अन्य खिलाड़ियों से मिली प्रेरणा का भी जिक्र किया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम की घोषणा की है, जिसमें इंदौर के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। 33 वर्षीय सारांश को घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन का इनाम मिला है। उन्होंने हाल ही में इंडिया-ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। सारांश एक क्रिकेट परिवार से आते हैं, उनके पिता भी रणजी खिलाड़ी रहे हैं। यह सीरीज 15 अगस्त से शुरू होगी और सारांश के पास टेस्ट कैप हासिल करने का सुनहरा अवसर होगा।
इंदौर के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को बीसीसीआई ने आगामी श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चुना है। यह लगभग दो साल बाद है जब इंदौर के किसी खिलाड़ी को भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है, इससे पहले 2024 में रजत पाटीदार का चयन हुआ था। सारांश लंबे समय से मध्य प्रदेश रणजी टीम का हिस्सा रहे हैं और हाल ही में भारत-ए टीम के लिए श्रीलंका दौरे पर उन्होंने पांच विकेट और एक नाबाद 70 रन बनाए थे। उनके पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिनर थे, जिन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिला। 33 वर्षीय सारांश ने 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 2,223 रन और 188 विकेट लिए हैं।
टारौबा में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान पर कुल 155 रन की बढ़त बना ली है। वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट पर 126 रन बनाए। पाकिस्तान की पहली पारी 282 रन पर सिमट गई थी, जिसमें कप्तान शान मसूद ने 109 रन का योगदान दिया। जास्टिन ग्रीव्स ने 5 विकेट लेकर पाकिस्तान को बड़ी बढ़त बनाने से रोका। तीसरे दिन कुल 14 विकेट गिरे।