ग्वालियर में ट्रैफिक पुलिस ने हूटर लगे चार पहिया वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इसमें जिला पंचायत सदस्य, भाजपा नेता और चिकित्सक तक की गाड़ियां शामिल थीं, जिनसे हूटर हटाकर जुर्माना वसूला गया। सिफारिशों को रोकने के लिए ट्रैफिक थाना प्रभारी से लेकर सिपाही तक के मोबाइल बंद रखे गए थे। बगैर पात्रता के हूटर का उपयोग कर रहे 11 वाहन चालकों से 33 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। चेकिंग के दौरान महिला निरीक्षक के रिश्तेदार की गाड़ी भी चालान होने के बाद ही छूटी।
भिंड के ट्रैफिक थाने में पदस्थ एएसआई देवेंद्र सिंह जादौन ने पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा सोमवार सुबह हुआ जब सफाईकर्मी ने दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला। अकेले रहने वाले जादौन का शव पड़ोसी द्वारा खिड़की से देखने पर पंखे से लटका मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
ग्वालियर में मजिस्ट्रेटों ने गोविंदपुरी और केआरजी तिराहे पर तीन घंटे का विशेष चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 69 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। अभियान में सीएमएचओ और जनपद सीईओ सहित कई प्रभावशाली लोगों के चालान काटे गए। कुल 1.46 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट वाली थार गाड़ियां, ‘विधायक’ लिखी नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो और ‘सपा जिलाध्यक्ष’ लिखी हूटर वाली गाड़ी जैसे अनोखे मामले सामने आए। एक बिना नंबर की फॉर्च्यूनर का पीछा कर उसे जब्त भी किया गया।