ग्वालियर में एलीवेटेड रोड निर्माण के चलते फूलबाग से गुरुद्वारा तक का मार्ग शनिवार से फिर बंद कर दिया गया है। यह मार्ग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए एक दिन के लिए खोला गया था। मार्ग बंद होने से वाहनों को संकरे वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दिनभर यातायात जाम की स्थिति बनी रही। फूलबाग चौराहे पर मोती मस्जिद के आगे मार्ग पर स्टापर लगाए गए हैं। वैकल्पिक रास्तों में मोती मस्जिद से चिड़ियाघर, जल विहार, हाथीगेट होते हुए नदीगेट तक का मार्ग अत्यधिक संकरा है, जहां लगातार जाम लग रहा है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने बदहाल ट्रैफिक सिग्नल, जाम और अतिक्रमण की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए माना कि सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस को ट्रैफिक इंजीनियरिंग, ट्रैफिक एजुकेशन और ट्रैफिक एनफोर्समेंट के तीनों पहलुओं पर सक्रियता से काम करने को कहा। अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
इंदौर में लगभग 75 हजार वाहन बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के चल रहे हैं। इन वाहनों की नंबर प्लेट कैमरा सिस्टम में सर्च न होने के कारण ऑनलाइन चालान प्रक्रिया में बाधा आ रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ चालक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इंदौर जिले में 2019 से पहले पंजीकृत 13 लाख से अधिक वाहनों में एचएसआरपी लगाई जानी थी। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि एचएसआरपी के बिना ट्रांसफर व अन्य कार्यालयीन आवेदन प्रक्रिया नहीं होती है। एचएसआरपी चोरी रोकने, फर्जी नंबर प्लेट पर अंकुश लगाने और ऑनलाइन चालान में सुविधा प्रदान करती है।
राज्य सरकार ने जबलपुर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और मॉनिटरिंग के लिए हाईकोर्ट के समक्ष पांच विशेषज्ञों के नाम प्रस्तावित किए हैं, हालांकि इन्हें अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य शहरों में भी ट्रैफिक सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जा सकती है। याचिका में जबलपुर में ट्रैफिक सिग्नल, जाम और अतिक्रमण की गंभीर समस्या का उल्लेख है।
इंदौर के देवास नाका चौराहे पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के चलते शुक्रवार से नया ट्रैफिक डायवर्शन लागू किया गया है। निरंजनपुर मंडी के पास खालसा चौक से चौराहे तक का 400 मीटर का हिस्सा अगले दो महीने के लिए पूरी तरह ब्लॉक रहेगा। विजयनगर/सत्यसाईं से मांगलिया जाने वाले वाहनों को न्यू लोहा मंडी रोड और एमआर-11 का उपयोग करना होगा। पुलिस ने ट्रकों को हटाने और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। लेखक मुकेश इंदौरी ने निर्माण से उत्पन्न गड्ढों की मरम्मत की मांग की है।
इंदौर बायपास पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को भेजा है। आईडीए के अनुसार, यह स्थायी समाधान वर्तमान और भविष्य के यातायात दबाव को संभालने के लिए आवश्यक है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्थाएं अगले 2-3 वर्षों में ध्वस्त हो सकती हैं।
इंदौर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को आदिवासी समाज द्वारा विशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस सुबह 6 बजे से लालबाग परिसर से टंट्या मामा भील चौराहा तक जाएगा। इसके चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा, जो कार्यक्रम समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा। यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को निर्धारित समय से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। केसरबाग ब्रिज और राऊजी बाजार में चल रहे निर्माण कार्यों से भी यातायात प्रभावित रहेगा।
राजधानी भोपाल में आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम के दावों के बावजूद, कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था स्वयं अव्यवस्था का शिकार है। ‘नवदुनिया’ द्वारा किए गए एक जायजे से पता चला है कि प्रभात चौराहे पर चार में से केवल दो सिग्नल काम कर रहे हैं, प्रगति चौराहे पर एक सिग्नल पोल एक महीने से टूटा पड़ा है, और ज्योति टॉकीज चौराहे पर सिग्नल महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पीछे छिपा हुआ है। इन खामियों के कारण हजारों वाहन चालक नियमों के बजाय अनुमान और हॉर्न पर निर्भर होकर चौराहे पार कर रहे हैं, जिससे टकराव और जाम की स्थिति बनी रहती है। एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक ने मरम्मत का आश्वासन दिया है।
इंदौर शहर में सोमवार शाम से देर रात तक हुए अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की जान चली गई। ये हादसे कनाड़िया, आजाद नगर, लसूड़िया और विजयनगर क्षेत्रों में हुए। मृतकों में अशोक परमार, दिव्यांग संजय ठाकरे, निकिता लोधी, शिवराज मालवीय और एक अज्ञात 40 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। सभी शव पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजे गए हैं। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है और अज्ञात वाहनों की तलाश जारी है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर की खराब यातायात व्यवस्था पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नलों के रखरखाव की जिम्मेदारी जबलपुर नगर निगम को सौंपी है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और जबलपुर स्मार्ट सिटी निगम को प्रत्येक सिग्नल हेतु सालाना 1.50 लाख रुपए प्रदान करेंगे। कोर्ट ने यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अन्य अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए। अगली सुनवाई सितंबर के पहले सप्ताह में होगी। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ.