इंदौर के देवास नाका चौराहे पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के चलते शुक्रवार से नया ट्रैफिक डायवर्शन लागू किया गया है। निरंजनपुर मंडी के पास खालसा चौक से चौराहे तक का 400 मीटर का हिस्सा अगले दो महीने के लिए पूरी तरह ब्लॉक रहेगा। विजयनगर/सत्यसाईं से मांगलिया जाने वाले वाहनों को न्यू लोहा मंडी रोड और एमआर-11 का उपयोग करना होगा। पुलिस ने ट्रकों को हटाने और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। लेखक मुकेश इंदौरी ने निर्माण से उत्पन्न गड्ढों की मरम्मत की मांग की है।
इंदौर बायपास पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को भेजा है। आईडीए के अनुसार, यह स्थायी समाधान वर्तमान और भविष्य के यातायात दबाव को संभालने के लिए आवश्यक है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्थाएं अगले 2-3 वर्षों में ध्वस्त हो सकती हैं।
इंदौर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को आदिवासी समाज द्वारा विशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस सुबह 6 बजे से लालबाग परिसर से टंट्या मामा भील चौराहा तक जाएगा। इसके चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा, जो कार्यक्रम समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा। यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को निर्धारित समय से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। केसरबाग ब्रिज और राऊजी बाजार में चल रहे निर्माण कार्यों से भी यातायात प्रभावित रहेगा।
राजधानी भोपाल में आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम के दावों के बावजूद, कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था स्वयं अव्यवस्था का शिकार है। ‘नवदुनिया’ द्वारा किए गए एक जायजे से पता चला है कि प्रभात चौराहे पर चार में से केवल दो सिग्नल काम कर रहे हैं, प्रगति चौराहे पर एक सिग्नल पोल एक महीने से टूटा पड़ा है, और ज्योति टॉकीज चौराहे पर सिग्नल महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पीछे छिपा हुआ है। इन खामियों के कारण हजारों वाहन चालक नियमों के बजाय अनुमान और हॉर्न पर निर्भर होकर चौराहे पार कर रहे हैं, जिससे टकराव और जाम की स्थिति बनी रहती है। एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक ने मरम्मत का आश्वासन दिया है।
इंदौर शहर में सोमवार शाम से देर रात तक हुए अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की जान चली गई। ये हादसे कनाड़िया, आजाद नगर, लसूड़िया और विजयनगर क्षेत्रों में हुए। मृतकों में अशोक परमार, दिव्यांग संजय ठाकरे, निकिता लोधी, शिवराज मालवीय और एक अज्ञात 40 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। सभी शव पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजे गए हैं। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है और अज्ञात वाहनों की तलाश जारी है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर की खराब यातायात व्यवस्था पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नलों के रखरखाव की जिम्मेदारी जबलपुर नगर निगम को सौंपी है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और जबलपुर स्मार्ट सिटी निगम को प्रत्येक सिग्नल हेतु सालाना 1.50 लाख रुपए प्रदान करेंगे। कोर्ट ने यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण और अन्य अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए। अगली सुनवाई सितंबर के पहले सप्ताह में होगी। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ.
इंदौर में श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर खंडवा रोड पर भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही 30 जुलाई से 28 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने मोटरयान अधिनियम के तहत यह आदेश जारी किया है। ट्रक और भार वाहक वाहनों को तेजाजी नगर इंदौर से राऊ गोल चौराहा होते हुए एबी रोड से मानपुर एवं बलकवाड़ा होकर देशगांव की ओर जाने का वैकल्पिक मार्ग दिया गया है। हल्के वाहन और आवश्यक सेवाएं इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी।
भोपाल में किसानों के धरना-प्रदर्शन के कारण नर्मदापुरम रोड पर यातायात बाधित है। भोपाल यातायात पुलिस ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। आरआरएल तिराहे पर प्रदर्शन जारी है, जिससे सामान्य आवागमन प्रभावित है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाए हैं और सहयोग की अपील की है। पूर्व में किसान आंदोलन के कारण 6 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था, जिसमें बैरिकेड्स टूटे और 150 कॉलोनियां ब्लॉक हो गई थीं।
श्रावण मास में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक बदलाव किए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सामान्य, शीघ्र दर्शन टिकटधारी और प्रोटोकॉल श्रेणी के लिए अलग प्रवेश एवं निकासी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पूरे नगर में वन-वे ट्रैफिक, नई पार्किंग व्यवस्था तथा पैदल आवागमन की सुव्यवस्थित योजना लागू की जाएगी। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, यह व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू हो जाएगी, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है।