राजधानी भोपाल में कमलानगर थाने में पदस्थ हवलदार राजेंद्र बहादुर सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल पर एक फर्जी लिंक भेजकर बैंक खाते से लगभग 1.96 लाख रुपये निकाल लिए। हवलदार को खाते से राशि कटने के मैसेज आने पर ठगी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ट्रांजेक्शन का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
भोपाल में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। बागसेवनिया थाना क्षेत्र में एक दंपती से फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 26.84 लाख रुपये की ठगी हुई। उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर और आईपीओ में निवेश का झांसा दिया गया। इसके अतिरिक्त, अलकापुरी में ब्लिंकिट कस्टमर केयर बनकर 79 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी से 95 हजार रुपये ठगे गए। कजलीखेड़ा में क्रेडिट कार्ड अपडेट के नाम पर 29 वर्षीय व्यक्ति से 1.38 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग की गई, और शाहपुरा में एटीएम कार्ड अपडेट के बहाने 57 वर्षीय व्यक्ति के खाते से 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने सभी मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी गिरोह को फर्जी बैंक खाते और उनकी बैंकिंग किट उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम जमा करने और बांटने में होता था। पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, पासबुक, सिम कार्ड और एक स्कार्पियो वाहन जब्त किया है। इस मामले में पहले भी दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच में पता चला है कि इन खातों का उपयोग देश के कई राज्यों में फ्रॉड के लिए किया गया था और करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं।