देश में साइबर अपराध के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जहाँ 2021 में 50035 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या 101928 तक पहुँच गई। ‘आईटी-बेईमानी-धोखा’ जैसी घटनाएँ प्रमुख हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (आई4सी) और ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (एनसीआरपी) जैसी पहलें की हैं। ‘नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली’ (सीएफसीएफआरएमएस) के माध्यम से 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय राशि बचाई गई है।
भोपाल में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में कुल 1.44 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त फायर ब्रिगेड कर्मचारी खालिद सिद्दीकी से फर्जी रिश्तेदार बनकर अस्पताल बिल के नाम पर 81 हजार रुपये ठगे गए। बजरिया थाना क्षेत्र की हर्षिता ठाकुर से फर्जी लोन ऐप के माध्यम से प्रोसेसिंग फीस के रूप में 28,900 रुपये ऐंठे गए, जबकि बैंक ने संदिग्ध लेनदेन की चेतावनी भी दी थी। एक अन्य मामले में, जहांगीराबाद के हरिशंकर गुप्ता के खाते से बिना ओटीपी या लिंक क्लिक किए 35 हजार रुपये निकाले गए। पुलिस ने तीनों मामलों में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।