राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने इंदौर एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। प्राथमिक जांच में इंदौर के एक सर्राफा कारोबारी को सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है, जिसने एयरपोर्ट के भीतर मजबूत नेटवर्क बना रखा था। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पांच माह तक निलंबित रहने के बाद, इंदौर-अबू धाबी फ्लाइट शुरू होते ही गिरोह ने तस्करी फिर शुरू कर दी। 3 अगस्त को डीआरआई ने एक एयरलाइन कर्मचारी को ₹1.44 करोड़ मूल्य के 1.02 किलोग्राम 24-कैरेट सोने के कड़ों के साथ पकड़ा। इस मामले में एयरलाइन कर्मचारी और एक कस्टम्स कर्मी सहित कुल 5 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। जांच जारी है।
मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार मामले में लोकायुक्त संगठन ने विवेचना पूरी कर ली है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाने के आरोप में सौरभ के अतिरिक्त 15 से अधिक लोगों को आरोपित बनाया जाएगा, जिनमें उसकी पत्नी, मां और दोस्त शामिल हैं। सितंबर में आरोप पत्र प्रस्तुत होने की संभावना है। मामले में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद सहित करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है।
डीआरआई ने रतलाम रेलवे स्टेशन पर एक नाइजीरियाई महिला ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। महिला के कब्जे से 2 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद की गई। खुफिया सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने नई दिल्ली से मुंबई जा रही ट्रेन में यात्रा कर रही महिला को रतलाम जंक्शन पर रोका। उसके ट्राली बैग की तलाशी में गुप्त कैविटी से सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मिला, जिसकी जांच में एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई। अब जांच एजेंसी मादक पदार्थ के स्रोत, तस्करी नेटवर्क और मुंबई में आपूर्ति के प्राप्तकर्ता का पता लगा रही है।
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अबू धाबी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से एक यात्री के पास से लगभग एक किलो सोना बरामद किया गया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोमवार तड़के यह कार्रवाई की, जिसमें बरामद सोने की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। डीआरआई को पहले से ही तस्कर के विमान में होने की सूचना थी। जांच के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस या एयरपोर्ट से जुड़े एक कर्मचारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। मामले में अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
गुजरात के जखाऊ तट पर 2019 में पकड़ी गई 330 किलो ब्राउन हेरोइन तस्करी मामले में विशेष एनआईए अदालत ने छह पाकिस्तानी नागरिकों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, कथित तौर पर खेप लेने वाले दो भारतीय आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। यह मामला 20 मई 2019 को राजस्व खुफिया निदेशालय को मिली एक सूचना से शुरू हुआ था, जिसमें एक पाकिस्तानी नाव द्वारा भारतीय समुद्री सीमा में मादक पदार्थ पहुंचाने की बात कही गई थी। जांच के दौरान पाकिस्तानी नाव ‘अल-मदीना’ और भारतीय नाव ‘फेजाने किरमानी’ को पकड़ा गया था, और बरामद पदार्थ को फोरेंसिक जांच में ब्राउन हेरोइन के रूप में पुष्टि की गई।