इंदौर की जिला कोर्ट ने 6 साल पुराने दंपती अमित-सीमा (परिवर्तित नाम) हत्याकांड में मुख्य आरोपी धनंजय उर्फ शुभांशु यादव (25) को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। परिवार द्वारा प्रेम संबंध का विरोध करने पर धनंजय और बेटी ने हत्या की साजिश रची थी। आरोपी ने धारदार हथियारों से दंपती पर हमला किया और पुलिस को गुमराह करने के लिए बेटी के नाम से एक झूठा नोट छोड़ा। पोस्टमॉर्टम, डीएनए रिपोर्ट, बरामद हथियार और अन्य भौतिक साक्ष्य ने अभियोजन के मामले को मजबूत किया, जिसके आधार पर कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को आरोपी को दोषी ठहराया।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्टों में कट-पेस्ट के कारण गलत नाम दर्ज होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए, भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की पिछले पांच वर्षों की 20 प्रतिशत डीएनए और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्टों की रैंडम जांच के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मुख्य सचिव को सात दिन में प्रदेश के बाहर के तीन वैज्ञानिक अधिकारियों की स्वतंत्र समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिसे छह महीने में जांच पूरी करनी होगी। एफएसएल प्रभारी निदेशक ने गलती की संभावना स्वीकार की है।
इंदौर के उर्मिला सैनी हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। अपनी पत्नी की हत्या के बाद फरार चल रहे आरोपी पति अखिलेश सैनी का कथित धड़ 19 जुलाई को गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला था। अब पुलिस को सात दिन बाद 24 जुलाई को महागौर गांव के पास एक खेत से एक मानव सिर (कंकाल) प्राप्त हुआ है। पुलिस डीएनए टेस्ट के माध्यम से यह पुष्टि करेगी कि यह सिर और धड़ आरोपी अखिलेश सैनी के ही हैं या नहीं। पुलिस को उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट से मामले का रहस्य सुलझ जाएगा।
गंजबासौदा के पास एक गांव में मिला कटा हुआ सिर इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड के आरोपी अखिलेश सैनी का होने की आशंका है। पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। उर्मिला सैनी की हत्या 11 जुलाई को उनके सरकारी आवास में हुई थी, जिसके बाद अखिलेश फरार हो गया था। बेटी प्रेक्षा के बयानों और पुलिस जांच से पता चला कि हत्या एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें टीवी की आवाज तेज करना और ऑनलाइन चाकू मंगाना शामिल था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्रूरता का खुलासा हुआ।
इंदौर के चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मृतका की बेटी प्रेक्षा सैनी ने आरोपी पति अखिलेश सैनी के शव की पहचान पर संदेह जताया है। अखिलेश सैनी का शव विदिशा के गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक के पास मिला था। प्रेक्षा का कहना है कि उनके पिता के सिर पर एक विशेष निशान था और जब तक वह सिर देखकर पुष्टि नहीं कर लेतीं, तब तक उन्हें विश्वास नहीं होगा। विदिशा पुलिस सिर की तलाश में जुटी है और परिजनों के डीएनए नमूने लिए हैं। डीएनए रिपोर्ट आने पर ही शव की अंतिम पहचान हो सकेगी। संयोगितागंज पुलिस भी जांच जारी रखे हुए है।