इंदौर में 7 अगस्त को महिला सुरक्षा और नशे के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण डीजीपी बैठक आयोजित होगी। इसमें गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा में समन्वय, अंतरराज्यीय अपराधों पर अंकुश, मादक पदार्थों की तस्करी पर संयुक्त कार्रवाई और सूचना साझाकरण को प्रभावी बनाना है। ‘नशामुक्त भारत’ मुख्य विषय रहेगा, जिसके तहत ड्रग गिरोहों के खिलाफ साझा रणनीति बनेगी। सिंहस्थ-2028, कुंभ-2027, साइबर अपराध, और ड्रग तस्करों के बदलते तरीकों पर भी चर्चा होगी।
इंदौर में शुक्रवार को पश्चिम क्षेत्रीय समन्वय बैठक आयोजित होगी, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक शामिल होंगे। इस बैठक में आंतरिक सुरक्षा, सिंहस्थ-2028, नासिक कुंभ-2027, साइबर अपराध और महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। मुख्य रूप से ड्रग्स माफिया और नशे के अवैध कारोबार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, क्योंकि ‘नशामुक्त भारत’ इस बैठक का प्रमुख विषय है।
इंदौर में 7 अगस्त से दो दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन होगा, जिसमें मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाना और अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार करना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद यह बैठक विशेष महत्व रखती है। इसमें ड्रग्स तस्करी के बदलते तौर-तरीकों, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और बड़े तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
जबलपुर हाई कोर्ट ने साइबर ठगी के एक मामले में मध्य प्रदेश पुलिस की जांच पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, डीजीपी को तलब किया। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि साइबर अपराधी कुछ मिनटों में वारदात को अंजाम देते हैं, जबकि जांच एजेंसियां कछुए की चाल से काम कर रही हैं, जिससे ठगी गई रकम की बरामदगी की संभावना कम होती है। कोर्ट ने असम पुलिस की 11 दिन में मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी की सराहना की। हाई कोर्ट ने राज्यों, बैंकों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी पर भी चिंता जताई और राष्ट्रीय व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की गई है।