मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में 353 स्वीकृत फैकल्टी पदों में से 83 रिक्त हैं, जो कुल 24% है और इसे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रखता है। जबलपुर मेडिकल कॉलेज 26% रिक्त पदों के साथ पहले स्थान पर है। एमबीबीएस सीटें बढ़ने के बावजूद डॉक्टरों की कमी गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई और मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन लगातार रिक्त पदों को भरने का प्रयास कर रहा है।