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मध्यप्रदेश में 233 नए डेंटल सर्जन की भर्ती प्रक्रिया शुरू

मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 233 नए डेंटल सर्जन की नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की है। MPPSC द्वारा चयनित इन डॉक्टरों को 10 अगस्त शाम 5 बजे तक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन न करने पर नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी। पोस्टिंग जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से होगी। पति-पत्नी को एक ही जिले में पोस्टिंग का विकल्प भी मिलेगा, और गलत जानकारी या बिना सूचना के ड्यूटी पर न पहुंचने पर कार्रवाई की जाएगी।

मुरार जिला अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर का एसी 6 दिन से बंद, सर्जरी में देरी

मुरार जिला अस्पताल के अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर का एसी पिछले छह दिनों से खराब है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में बाधा आ रही है। आउटडोर मोटर जलने के कारण पूरा सिस्टम ठप है, और इस खराबी को अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। डॉक्टरों को पसीने में सर्जरी करनी पड़ रही है, जिससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आर्थोपेडिक सर्जरी सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं, जिससे ऑपरेशन की वेटिंग बढ़ गई है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल सर्जन ने इस मामले में अनभिज्ञता जताई है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डॉक्टरों की वरिष्ठता, पदोन्नति में भेदभाव मामले पर सरकार, पीएससी से जवाब मांगा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डॉक्टरों की वरिष्ठता, नियमितीकरण और पदोन्नति में कथित भेदभाव के मामले में राज्य सरकार और पीएससी से जवाब मांगा है। खंडवा निवासी डॉ. सोमपाल सिंह ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 1991 में पीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद उनकी नियमित सेवा 1994 से मानी गई, जबकि एक अन्य डॉक्टर को बिना पीएससी उत्तीर्ण किए 1989 से लाभ मिला। इस विसंगति के कारण उन्हें पदोन्नति में नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने 1989 से वरिष्ठता तथा 2006 से प्रोफेसर पद का लाभ मांगा है।