ग्वालियर पुलिस ने आंध्र प्रदेश के नक्सल प्रभावित जंगल में सात दिनों के विशेष ऑपरेशन में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर सुभाष चंद्र पांगी को गिरफ्तार किया। पुलिसकर्मी चरवाहा और मजदूर बनकर रहे और तेलुगु सीखी। डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पांगी को आजीवन कारावास की सजा हुई है, जिससे ग्वालियर, आगरा, दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में गांजा सप्लाई का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हो गया। पुलिस ने यह भी बताया कि अब नशा तस्करों के मुख्य निशाने पर स्कूल और कॉलेज के छात्र हैं।
इंदौर में सुपर कॉरिडोर पर पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे एक 19 वर्षीय युवक अयाज हुसैन को क्राइम ब्रांच ने 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। ड्रग्स की कीमत लगभग 10.30 लाख रुपये है। पुलिस ने उसकी बिना नंबर की होंडा हारनेट मोटरसाइकिल भी जब्त की। पूछताछ के आधार पर 20 वर्षीय शाहनवाज को भी पकड़ा गया है। अयाज के खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हैं। पुलिस अब ड्रग्स के स्रोत और सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
रतलाम में वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में एमडी (मेफेड्रोन) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने 23 प्रकरणों में 81 आरोपितों को गिरफ्तार कर 14.175 किलोग्राम एमडी जब्त की, जो पिछले दो वर्षों की संयुक्त बरामदगी से अधिक है। राजस्व आसूचना निदेशालय ने एक नाइजीरियाई महिला से 2 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की। रतलाम की रणनीतिक स्थिति इसे ड्रग तस्करी और निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है। जनवरी और मार्च 2026 में दो एमडी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ, जिनके नेटवर्क कई राज्यों तक फैले थे। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी की बात कही।
ग्वालियर में पुलिस ने एक गांजा तस्कर सूरज को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 2.8 किलो गांजा बरामद हुआ। उसके मोबाइल की वॉट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि वह दिल्ली के बड़े सप्लायर से ओजी गांजा और एमडी ड्रग मंगाता था। चैट में हवाई जहाज से गांजे की बड़ी खेप आने की योजना का भी जिक्र है, जिसकी कीमत 7 लाख रुपये प्रति किलो तक हो सकती है। पुलिस इस नेटवर्क की आगे जांच कर रही है।
इंदौर में आयोजित उच्चस्तरीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस में ड्रग्स कारोबार, अंतरराज्यीय साइबर अपराध और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए। मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों ने अपराधियों को राज्यों की सीमा का फायदा नहीं उठाने देने की संयुक्त रणनीति बनाई। बैठक में राजस्थान-मध्य प्रदेश ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त करने, फरार अपराधियों पर संयुक्त शिकंजा कसने और साइबर फ्रॉड के मामलों में समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इंदौर पुलिस ने शहर के पब, बार, रेस्टोरेंट और होटल संचालकों के लिए सुरक्षा व कानून-व्यवस्था संबंधी नई गाइडलाइन जारी की है। पुलिस उपायुक्त अमन सिंह राठौड़ ने ऑनलाइन बैठक में नियमों का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी। गाइडलाइन में प्रतिष्ठानों को ड्रग्स मुक्त रखने, नाबालिगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध, उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश शामिल हैं। बिना पुलिस अनुमति लाइव शो और डीजे नाइट की भी अनुमति नहीं होगी।
कटनी के रंगनाथनगर थाना पुलिस ने नशा विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए 9 हजार नाइट्राजेपाम टैबलेट जब्त कीं और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। जब्त नशीली गोलियों की कीमत लगभग 2.25 लाख रुपये है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के दौरान संदिग्ध लगने पर दो युवकों को ऑर्डनेंस फैक्टरी ग्राउंड के पास से पकड़ा गया। उन्होंने बिक्री के उद्देश्य से गोलियां लाने की बात स्वीकार की। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। मुख्य सरगना की पहचान कर उसकी तलाश जारी है।
भोपाल में पहली बार हिस्ट्रीशीटर गांजा तस्कर शैलू उर्फ शैलेश संकत (कंजर) पर पिट-एनडीपीएस एक्ट लगाया गया है। भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने उसे छह महीने के लिए केंद्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध करने का आदेश दिया है। 35 वर्षीय शैलेश संकत पर एनडीपीएस एक्ट के पांच मामलों सहित कुल 42 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह 2020 से लगातार गांजा तस्करी में लिप्त है। यह कार्रवाई उन आदतन तस्करों को सख्त संदेश देने के लिए की गई है, जो जेल से छूटने के बाद पुनः अपराध में संलग्न हो जाते हैं।
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने एमडी ड्रग्स फैक्ट्री शुरू होने से पहले ही छापामार कार्रवाई कर लगभग 3 क्विंटल केमिकल जब्त किया। एसपी विनोद कुमार मीना की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। वहीं, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) मध्य प्रदेश की टीम ने गुजरात के मोरबी में फार्मा डायवर्जन रैकेट का खुलासा किया, जिसमें एक करोड़ रुपये से अधिक की एनआरएक्स दवाइयों के अवैध डायवर्जन की जानकारी मिली। इस कार्रवाई से पहले जोधपुर में भी दो आरोपियों से 31,520 एनआरएक्स टेबलेट बरामद हुई थीं। सीबीएन अब सप्लाई नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।
इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से नौ घंटे पूछताछ की। सुमित, भरत पटवारी और नाना पटवारी के पार्टनर हैं। पूछताछ में सुमित ने डायरी पर सौदा करने और सबूत मिटाने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद उसने डायरियों को पानी में गलाकर नष्ट कर दिया। एक होटल में नाना के साथ बैठक में सुमित पटेल को झूठा बयान देने के लिए तैयार करने की साजिश रची गई थी। जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, पुलिस अब भरत पटवारी और नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ करेगी।