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उज्जैन सिंहस्थ में भारतीय सेना देगी सुरक्षा सहयोग, 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक तकनीक का होगा इस्तेमाल

उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना सहयोग प्रदान करेगी। महू का मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई) भीड़ और अपराध प्रबंधन के लिए अपनी तीन प्रमुख तकनीकें उपलब्ध कराएगा। नवंबर 2025 में प्रदेश सरकार और एमसीटीई के बीच अनुबंध हुआ था। इन तकनीकों में एआई-आधारित वाहन पहचान, चेहरा पहचान प्रणाली और साइबर सुरक्षा सिस्टम शामिल हैं, जिनका उपयोग वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा भी किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश बनेगा ड्रोन उद्योग का प्रमुख केंद्र, ग्वालियर में क्लस्टर तो भोपाल आइसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य को ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। बुधवार को एक राउंड टेबल बैठक हुई, जिसमें ग्वालियर में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर और आइसर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलाजी आधारित सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर चर्चा हुई। आइसर भोपाल के सेंटर के लिए ₹85.51 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है, जो अनुसंधान और व्यावसायीकरण पर केंद्रित होगा। सरकार का लक्ष्य कुशल मानव संसाधन तैयार करना और रोजगार के अवसर पैदा करना भी है, जिसमें कई कंपनियों ने साझेदारी में रुचि दिखाई है।

ब्रिक्स बिजनेस फोरम: जयशंकर ने आर्थिक गतिविधि और सुरक्षा बढ़ाकर आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में अस्थिरता व अनिश्चितता बढ़ी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के लिए आर्थिक गतिविधि और सुरक्षा बढ़ाकर आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। जयशंकर ने कारोबार, आपूर्ति नेटवर्क, ऊर्जा सुरक्षा और पारदर्शी व्यापार को इस लक्ष्य के लिए अहम बताया। 12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इन्हीं आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सीमा पार भुगतान और राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग जैसे विषय शामिल होंगे।

इंदौर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 शुरू, सीएम ने की सुगम परिवहन सेवा की घोषणा

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणा की। समिट में तकनीक के उपयोग, एकीकृत टिकटिंग, हरित परिवहन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं। रैपिडो के साथ एमओयू भी हुआ है, जिसमें महिला टू-व्हीलर ड्राइवर सेवा भी शामिल है। यह सेवा 20 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी का प्रतीक है, जो पीएम ई-बस की तर्ज पर केसरिया रंग में होगी।

भोपाल पुलिस ने होटलों के लिए नया ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम तैयार किया

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने होटलों में फर्जी पहचान-पत्र के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए एक नया ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम तैयार किया है। यह आधुनिक व्यवस्था होटल में ठहरने वाले हर अतिथि की जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगी। यदि कोई व्यक्ति जाली दस्तावेज़ों का उपयोग करता है, तो एआई आधारित सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा। इस योजना को शुरुआती चरण में एमपी नगर के होटलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म पुलिस आयुक्त संजय कुमार के अनुमोदन से एक निजी साफ्टवेयर कंपनी के सहयोग से विकसित किया गया है और जल्द ही लांच होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

मध्य प्रदेश के नेशनल हाइवे पर लगेगा स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम, कंट्रोल रूम से होगा संचालन

मध्य प्रदेश में नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे की स्ट्रीट लाइटों को अब स्मार्ट सिस्टम से संचालित किया जाएगा। नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के निर्देश पर ग्वालियर, भोपाल सहित 13 शहरों से गुजरने वाले हाइवे पर केंद्रीयकृत स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम लगेगा। यह सिस्टम लाइटों को रिमोट से नियंत्रित करेगा और खराब होने पर कंट्रोल रूम में तुरंत सूचना देगा। इसमें बिजली खपत की निगरानी, साइबर सुरक्षा और 48 घंटे में खराबी ठीक करने का प्रावधान है। एनएचएआइ भोपाल ने इसके लिए टेंडर जारी किए हैं।

डीपफेक युग में वास्तविक-कृत्रिम साक्ष्य पहचानना चुनौती: न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा

ग्वालियर में आयोजित क्षेत्रीय न्यायिक सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने डीपफेक तकनीक और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वास्तविक और कृत्रिम साक्ष्य के बीच अंतर करना न्यायपालिका के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। न्यायमूर्ति मिश्रा ने न्यायिक अधिकारियों से बदलते समाज और तकनीक के अनुरूप अपनी सोच और कानूनों की व्याख्या का विस्तार करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि न्यायदान केवल कानूनी धाराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की वास्तविक परिस्थितियों को समझना भी महत्वपूर्ण है।

भारतीय नौसेना को दो स्वदेशी मिलिट्री-ग्रेड आरओवी ‘ट्राउट’ मिले

भारतीय नौसेना को हाल ही में दो स्वदेशी मिलिट्री-ग्रेड अंडरवाटर रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) प्रणाली प्राप्त हुई हैं, जिससे उसकी समुद्र के नीचे निगरानी और टोह लेने की क्षमताएं बढ़ी हैं। केरलम की मरीन रोबोटिक्स और एआई डीप-टेक कंपनी आईआरओवी ने इन आरओवी का निर्माण कर नौसेना को सौंपा है। ‘ट्राउट’ नाम का यह आरओवी भारत का पहला मिलिट्री-ग्रेड आरओवी है, जिसे सैन्य मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। भारतीय नौसेना ने कुल पांच आरओवी का ऑर्डर दिया था, जिसमें से दो की आपूर्ति हो चुकी है। यह उपलब्धि उन्नत अंडरवाटर रोबोटिक तकनीक में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।

छिंदवाड़ा साइबर सेल ने 1 करोड़ रुपये से अधिक के 501 गुम मोबाइल बरामद किए

छिंदवाड़ा जिला सायबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 6 हजार रुपये की अनुमानित बाजार कीमत के 501 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये मोबाइल फोन तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के आधार पर ट्रेस किए गए। बरामद मोबाइलों को आज पुलिस कंट्रोल रूम छिंदवाड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। रक्षाबंधन से पहले अपने मोबाइल वापस पाकर कई बहनों समेत नागरिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई। यह सफलता साइबर सेल की तकनीकी दक्षता और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

महाराष्ट्र सरकार ने Sarvam AI के स्वदेशी समाधानों को दी मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI के स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर दो वर्षों में 11.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे करीब 2,500 सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘इंडस’ एआई वर्कस्पेस बनेगा। Sarvam AI के समाधान भारत के सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट होंगे और इसमें ‘संवाद’, ‘सारस’ और ‘बुलबुल’ एआई मॉडल भी शामिल हैं। वहीं, ठाणे सत्र अदालत ने 40 वर्षीय इंजीनियर विकार जैनुद्दीन शेख को अपनी गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका और जांच में खामियां पाई गईं।