मध्य प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियों के कारण अधिकांश जिलों में वर्षा जारी है। बुधवार को वर्षा में थोड़ी कमी देखी गई, हालांकि सीहोर में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए श्योपुर और शिवपुरी में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। लगातार वर्षा से दिन के तापमान में गिरावट आई है। इस बीच, बुधवार को बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है, जिसका प्रभाव 15 अगस्त से राज्य में दिखेगा और तेज वर्षा का नया दौर शुरू होगा।
जबलपुर और संभाग के जिलों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, शनिवार रात से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक हल्की से भारी बारिश का अनुमान जताया है। उत्तर ओडिशा पर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। रविवार को 7 मिमी बारिश के साथ कुल मानसून वर्षा 346 मिमी दर्ज हुई, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है। शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
सागर जिले में अब तक सामान्य से 63 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जहां इस सीजन में कुल 455 मिमी (17.9 इंच) वर्षा हुई है, जबकि सामान्य बारिश 1230.5 मिमी है। पिछले 24 घंटों में बीना में पौने 4 इंच और राहतगढ़ में 3 इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और पश्चिम बंगाल पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण आगामी दिनों में तेज बारिश की संभावना है। पिछले साल 10 अगस्त तक 32.3 इंच बारिश हुई थी, जो इस वर्ष की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक थी।
इंदौर शहर में रविवार रात से लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम में ठंडक बढ़ी है। इस वर्षा से निचले इलाकों में जलजमाव और स्कूलों में कम उपस्थिति देखी गई। कृषि विशेषज्ञों ने इसे धान और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए लाभकारी बताया है, जिन्हें पिछले 15 दिनों से बारिश की कमी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, इंदौर को अभी भी औसत वार्षिक वर्षा कोटा पूरा करने के लिए लगभग 22 इंच बारिश की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश में भी अब तक औसतन 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश का अनुमान जताया है।
जबलपुर सहित महाकोशल अंचल में दो दिन की अच्छी बारिश से नदी, नाले और बांधों का जलस्तर बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रणालियों का रुख बदलने से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला टूट सकता है, हालांकि हल्की बारिश जारी रहेगी। सोमवार को जबलपुर में 2.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री रहा। आगामी दिनों के लिए जबलपुर, कटनी और मंडला के तापमान का पूर्वानुमान जारी किया गया है। साथ ही, जबलपुर में महिला समूहों से 25.44 लाख रुपये की वसूली का मामला भी सामने आया है।
मानसूनी प्रणालियां पूर्वी मध्य प्रदेश से पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर सरक गई हैं, जिससे जबलपुर संभाग में तेज बारिश की संभावना कम हो गई है। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे हल्की बारिश और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। 14 अगस्त के बाद भारी बारिश के संकेत हैं। जबलपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बीच, सांदीपनी विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने स्कूल को 10 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के विरोध में जबलपुर-दमोह-भोपाल रोड जाम कर दिया।
ग्वालियर अंचल में रविवार को वर्षा दर्ज नहीं की गई, हालांकि रात में 4.5 मिमी वर्षा हुई। दिन का तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून ट्रफ ग्वालियर-चंबल के ऊपर से गुजर रही है और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इन प्रणालियों के कारण सोमवार को भारी वर्षा तथा आगामी चार दिनों तक हल्की से तेज वर्षा की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। पिछले दो दिनों से कम वर्षा के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि धान की रोपाई अंतिम दौर में है।
मध्य प्रदेश के उत्तरी इलाकों में शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम वर्षा हुई, जिसमें नरसिंहपुर में सर्वाधिक 39 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को ग्वालियर, रीवा और सतना जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के बाकी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश और झारखंड पर ऊपरी हवा का घेरा तथा मानसूनी द्रोणिका की सक्रियता के कारण राज्य में मानसूनी गतिविधियां निरंतर जारी हैं, जिससे दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया।
इंदौर में इस वर्ष सावन में छिटपुट वर्षा ही देखने को मिल रही है, और आगामी सप्ताह में भी केवल रुक-रुककर बूंदाबांदी का ही अनुमान है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानी एचएस पांडे के अनुसार, मानसून का कोई प्रभावी सिस्टम सक्रिय न होने के कारण वर्षा की गति धीमी है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून द्रोणिका के ऊपरी हिस्से में होने से मध्य प्रदेश में वर्षा गतिविधियां कम हैं। आगामी दिनों में बनने वाला नया सिस्टम भी केवल उत्तरी और उत्तर-पूर्वी संभागों को प्रभावित करेगा। अलनीनो के प्रभाव से इस वर्ष कम वर्षा का अनुमान सही साबित हो रहा है।
इंदौर में मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले चार दिनों तक बूंदाबांदी का ही अनुमान है, क्योंकि वर्तमान में कोई प्रभावी मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। सोमवार को शहर में 2.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 7 से 8 अगस्त तक हल्की वर्षा की संभावना है। दूसरी ओर, श्री मानभद्र भक्त मंडल द्वारा सुखद वर्षा और विश्व शांति के लिए बाबा मानभद्र का दो दिवसीय पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और 21 हजार मंत्रों का जाप किया गया।