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हाई कोर्ट ने दमोह स्लाटर हाउस प्रतिबंध चुनौती याचिका निरस्त की

जबलपुर हाई कोर्ट ने दमोह नगर पालिका द्वारा शहरी क्षेत्र में स्लाटर हाउस पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने बताया कि इसी विषय से संबंधित याचिका पहले से हाई कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नई याचिका दाखिल करने के बजाय लंबित प्रकरण में हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी। यह याचिका दमोह के कसाई मंडी क्षेत्र के निवासियों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें नगर पालिका के 29 अप्रैल 2026 के प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी।

दमोह-पन्ना मार्ग पर स्कॉर्पियो पलटी, चार गंभीर घायल, दो जबलपुर रेफर

दमोह-पन्ना मार्ग पर हटा थाना क्षेत्र के प्रेमपुरा गांव के पास गुरुवार-शुक्रवार की रात एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पन्ना जिले के सिमरिया निवासी ये लोग सागर जिले के गढ़ाकोटा से एक निर्माणाधीन मैरिज गार्डन के लिए टाइल्स खरीदकर लौट रहे थे। घायलों को पहले हटा सिविल अस्पताल और फिर दमोह जिला अस्पताल ले जाया गया। वहाँ से 43 वर्षीय अशोक जैन और 48 वर्षीय कुंज बिहारी गुप्ता की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 17 साल बाद दो भाइयों की उम्रकैद की सजा रद्द की, पुलिस जांच पर सवाल

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दमोह के 2009 के हत्या मामले में पुलिस जांच और अभियोजन के साक्ष्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए दो भाइयों, तुलसीराम राजपाल और हरप्रसाद, की उम्रकैद की सजा रद्द कर उन्हें बरी कर दिया। जिला अदालत ने 29 जून 2012 को उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग 17 साल जेल में बिताए। न्यायालय ने प्राथमिकी की विश्वसनीयता, कथित हत्यारे चाकू पर खून के निशान न होने, प्रत्यक्षदर्शियों के देरी से दर्ज बयानों और मृत्यु के समय को लेकर विरोधाभासी साक्ष्यों को आधार बनाया। न्यायालय ने कहा कि संदेहास्पद और विरोधाभासी साक्ष्यों पर दोषसिद्धि कायम नहीं रखी जा सकती।

दमोह के तारादेही-कोपा देवरी क्षेत्र में धरती हिली, लोग नींद में बिस्तर से गिरे

दमोह जिले के तारादेही और कोपा देवरी क्षेत्र में सोम-मंगल की रात करीब तीन बजे अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए। स्थानीय लोगों ने दो हल्के झटके महसूस किए, जिससे सोते समय उनके पलंग हिलने लगे और कई लोग नींद में ही जमीन पर गिर गए। घरों में रखे बर्तन और अन्य सामान भी हिलते हुए महसूस किए गए। प्रत्येक झटका लगभग दो सेकंड तक चला और दोनों के बीच 10 सेकंड का अंतर था। ग्रामीणों ने इन झटकों को भूकंप के हल्के झटके बताया है, हालांकि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।

दमोह: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घुसा नर चीतल, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

दमोह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को कुत्तों के हमले से बचने के लिए एक नर चीतल डॉक्टर के कक्ष में जा घुसा। समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र से आया यह चीतल तेंदूखेड़ा के पास खेतों की ओर आया था, तभी पालतू कुत्तों ने उसका पीछा किया। अस्पताल में चीतल को देखकर मरीज और स्वास्थ्य कर्मी अचंभित रह गए। स्वास्थ्य कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे का दरवाजा बंद कर वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रभारी डिप्टी रेंजर के अनुसार, चीतल के मुंह में हल्की चोटें थीं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया गया।