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कालभैरव मंदिर उज्जैन में दर्शन व्यवस्था बदली, प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु

उज्जैन स्थित कालभैरव मंदिर में श्रावण मास के दौरान बढ़ती भीड़ के मद्देनजर दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए वीआईपी गेट के सामने जिगजैग का निर्माण किया है, जिससे होकर प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। आम भक्तों की सुविधा के लिए प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था भी बंद कर दी गई है। वहीं, मंदिर के बाहर पानी की बोतल बेचने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया, जिसमें मारपीट भी हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

सावन के पहले सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

श्रावण मास के पहले सोमवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने मां नर्मदा में स्नान कर भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। शाम चार बजे भगवान की पारंपरिक पालकी यात्रा निकलेगी, जिसके लिए रुद्राभिषेक, विशेष श्रृंगार और व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

श्रावण मास में महाकाल दर्शन व सवारी के लिए उज्जैन में यातायात योजना लागू

उज्जैन पुलिस ने श्रावण मास में महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत यातायात एवं डायवर्जन प्लान जारी किया है। भारी भीड़, सोमवार सवारी और कावड़ यात्राओं को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसमें चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल, कालभैरव मंदिर जाने के वैकल्पिक मार्ग और सोमवार की सवारी के दौरान होने वाले डायवर्जन की जानकारी शामिल है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन नहीं ले जाने की अपील की है।

श्रावण-भाद्रपद में महाकाल मंदिर की व्यवस्थाएं बदलेंगी, प्रतिदिन दो लाख श्रद्धालु संभावित

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर की दर्शन व्यवस्था, समय-सारिणी, सुरक्षा, यातायात और प्रवेश व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। मंदिर के पट रविवार को रात 2:30 बजे और अन्य दिनों में रात 3:00 बजे खुलेंगे। विभिन्न श्रेणियों के दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान भगवान महाकाल की छह पारंपरिक सवारियां भी निकलेंगी, और प्रत्येक शनिवार को अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन होगा।

श्रावण मास में उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में बदलेगी दर्शन व्यवस्था

उज्जैन में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास के लिए प्रमुख मंदिरों में दर्शन व्यवस्थाओं में बदलाव किए जा रहे हैं। लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर में चार प्रवेश द्वार, भूमिगत टनल से निकासी और कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है। कालभैरव मंदिर में सामान्य, सशुल्क और वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग कतारें होंगी, साथ ही बारिश से बचाव के लिए शेड लगवाने पर चर्चा हुई है। प्रशासन ने व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श के लिए मंदिर प्रबंधकों की बैठक भी बुलाई।

श्रावण मास के लिए ओंकारेश्वर में दर्शन और यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव

श्रावण मास में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक बदलाव किए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सामान्य, शीघ्र दर्शन टिकटधारी और प्रोटोकॉल श्रेणी के लिए अलग प्रवेश एवं निकासी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पूरे नगर में वन-वे ट्रैफिक, नई पार्किंग व्यवस्था तथा पैदल आवागमन की सुव्यवस्थित योजना लागू की जाएगी। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, यह व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू हो जाएगी, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है।