नरसिंहपुर में विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार लढ़िया की अदालत ने एक दलित अधेड़ सुखलाल मेहरा की हत्या और जातिगत अत्याचार के मामले में त्वरित न्याय सुनाया है। अदालत ने एक ही परिवार के पांच आरोपितों – कमलेश प्रजापति, अन्नीलाल प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, छोटू उर्फ उमेश और सविता बाई को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। यह घटना 14 मार्च 2025 को गोटेगांव के ग्राम उमरिया में भूसा छोड़ने के मामूली विवाद और जातिगत विद्वेष के कारण हुई थी। आरोपितों ने सुखलाल को लाठी और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा था, जिससे उनकी मौत हो गई।