मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने जेलों में बंद कैदियों के पहचान सत्यापन, आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक खाते जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार करने के लिए हर माह विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य सरकार को जिला कलेक्टरों के माध्यम से 15 दिन के भीतर यह प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कैदियों को कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। यह निर्देश सिंगरौली निवासी प्रहलाद प्रसाद विश्वकर्मा की अपील पर दिया गया, जिनके बेटे का कैंसर उपचार चल रहा है और बैंक खाता निष्क्रिय है।
मध्य प्रदेश में जाति, मूलनिवासी और आय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। आवेदक ऑनलाइन एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल या लोक सेवा केंद्र पर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। लोक सेवा प्रबंधन इंदौर के जिला प्रबंधक अमोघ श्रीवास्तव ने ‘हेलो नईदुनिया’ कार्यक्रम में बताया कि जाति प्रमाण पत्र 30 कार्य दिवस में और मूलनिवासी प्रमाण पत्र 7 दिन में जारी होता है। इंदौर में व्हाट्सएप चैट (9407035437) और 181 कॉल की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आवेदकों की समस्याओं का समाधान होता है और प्रक्रिया आसान बनती है।
मध्य प्रदेश में नीट यूजी 2026-27 की राज्य स्तरीय संयुक्त काउंसलिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने सरकारी स्कूल कोटा के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, कक्षा 6 से 12 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययन का प्रमाण और मूल अंकपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित दस्तावेज न दिखाने पर सीट रद्द हो सकती है। प्रदेश में कुल 4900 एमबीबीएस सीटें हैं, जिनमें से लगभग 245 सीटें सरकारी स्कूल कोटे के लिए आरक्षित हैं। पहले दौर की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 13 अगस्त तक चलेगा, और सीट आवंटन परिणाम 20 अगस्त को जारी होगा।
नवाब हमीदुल्ला खान ने कायदे-आजम जिन्ना को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने भोपाल राज्य के भविष्य और पाकिस्तान से अपेक्षित सहायता पर मार्गदर्शन मांगा। उन्होंने पाकिस्तान के गठन में अपनी भूमिका का उल्लेख किया और भोपाल की भौगोलिक स्थिति तथा हिंदू बहुल आबादी पर चिंता व्यक्त की। नवाब ने स्पष्ट किया कि वे भारत में विलय के लिए तैयार नहीं हैं और पाकिस्तान से सहायता की शर्तों तथा समझौते के प्रावधानों पर स्पष्टीकरण चाहते थे। उन्होंने पाकिस्तान में सेवा करने की अपनी व्यक्तिगत इच्छा भी व्यक्त की। यह पत्र ‘जिन्ना पेपर्स’ Vol. IV’ में दर्ज है।
इंदौर में अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर संपत्ति कर खातों में फर्जी तरीके से नाम बदलने का बड़ा घोटाला सामने आया है। एक वर्ष के भीतर 450 से अधिक खातों में यह बदलाव किया गया। इस खुलासे के बाद इंदौर नगर निगम ने नामांतरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब नाम बदलने के लिए ‘चेन ऑफ डॉक्यूमेंट’ अनिवार्य होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल की जाएगी, जिसमें वकील की उपस्थिति और बिल कलेक्टर द्वारा मौके पर सत्यापन शामिल है। नगर निगम फर्जी रजिस्ट्रियों को रद्द कराने के लिए भोपाल कार्यालय को पत्र भेजेगा।