ग्वालियर में नवविवाहिता सपना गुर्जर ने शादी के तीन दिन बाद ससुराल में फांसी लगा ली थी। 102 दिन तक अस्पताल में चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। महाराजपुरा पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या, दहेज मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शादी वाले दिन ही दहेज की मांग की गई थी और सपना के शरीर पर चोट के निशान भी थे। पुलिस जांच के बाद आत्महत्या के कारणों और आगामी कार्रवाई का निर्धारण होगा।
ग्वालियर पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहे पिता-पुत्र मंगल सिंह उर्फ पुतुआ राजावत और सुरेश सिंह राजावत को भिंड से गिरफ्तार किया है। नवविवाहिता की शिकायत पर दर्ज इस मामले में आरोपी जमानत मिलने के बाद से फरार थे। पुलिस को इनकी गिरफ्तारी में एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड अहम सुराग साबित हुआ। महिला सुरक्षा डीएसपी शिखा सोनी ने बताया कि आरोपियों ने दहेज में कार और नकदी की मांग करते हुए विवाहिता को प्रताड़ित किया था। पुलिस अब फरारी के दौरान उनकी मदद करने वालों की जांच कर रही है।
ग्वालियर के महाराजपुरा इलाके में 26 वर्षीय नवविवाहिता साक्षी चौधरी ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौत शादी की सालगिराह वाले दिन संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी को मौत का कारण बताया गया। जांच में सामने आया कि पति गजेंद्र सिंह, सास इंद्रादेवी, ससुर हरेश कुमार और योगेश कुमार सोने की करधौनी, चूड़ियां और स्कार्पियो गाड़ी की मांग को लेकर साक्षी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
ग्वालियर में दहेज और प्रताड़ना से तंग आकर एक महिला ने आत्महत्या कर ली। महिला ने लगातार दो बेटियों को जन्म दिया था, जिसके बाद ससुराल वाले उससे 25 लाख रुपए या क्रेटा कार की मांग कर रहे थे और मारपीट करते थे। 9 जुलाई को महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मृतका के पति शुभम सिंह राजावत समेत ससुराल पक्ष के 8 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है।