मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सौतेला बेटा भी किराएदारी कानून के तहत बेटे की श्रेणी में आता है। यदि उसके कारोबार के लिए दुकान की वास्तविक जरूरत है, तो मां किराएदार से दुकान खाली करा सकती है। यह निर्णय 21 साल पुराने किराएदारी विवाद में आया, जिसमें जस्टिस आशीष श्रोती ने निचली अपीलीय अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पहली मंजिल की जगह को भूतल की दुकान का समान विकल्प नहीं माना जा सकता।
मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि उपज मंडियों में दुकान, गोदाम, प्लांट और भूखंडों के आवंटन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी आवंटन केवल ऑनलाइन ई-नीलामी के माध्यम से होंगे। सरकार ने पहली बार ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ का नियम लागू करने का प्रस्ताव भी रखा है। कृषि विभाग ने नए नियमों का मसौदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जो प्रदेश की 557 कृषि उपज मंडियों में लागू होगा। सफल बोलीदाता को अब 30 वर्ष का लाइसेंस मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित होंगे।