राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में एक उफनते नाले को पार करते समय एक कार बह गई, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित 11 लोग सवार थे। हादसे में दो लोगों, मुकेश और हुकुमसिंह को स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया गया। वहीं, छह लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक तीन वर्षीय बच्चा भी शामिल है। देवास के सतवास गांव का यह परिवार नरसिंहगढ़ स्थित एक धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए जा रहा था। ड्राइवर ने स्थानीय लोगों की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था। शेष तीन लोगों की तलाश जारी है।
छतरपुर जिले के प्रकाश बम्होरी गांव में घरेलू विवाद के चलते एक 21 वर्षीय महिला भगवती कुशवाहा ने अपने डेढ़ वर्षीय बेटे पुष्पेंद्र और तीन वर्षीय बेटी संध्या के साथ कुएं में छलांग लगा दी। इस हृदयविदारक घटना में तीनों की मौत हो गई। प्रकाश बम्होरी थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है, प्रारंभिक जांच में इसे घरेलू विवाद से जोड़ा जा रहा है। गांव में मातम पसरा हुआ है।
भोपाल के एमपी नगर थाना क्षेत्र में आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव उसके घर के पास स्थित एक बंद स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला, जिसके शरीर पर कलाई कटने और अन्य जख्मों के निशान थे। स्टोर रूम से सटी बाथरूम में भी खून पाया गया। घटनास्थल से दो अलग-अलग स्याही में लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें एक युवक का नाम और दोस्ती का जिक्र है। परिजन हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे हैं और उन्होंने थाने का घेराव भी किया। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाई, विवेक सिंह गोंड (14) और बारिश सिंह गोंड (10) की तालाबनुमा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। दोनों खेलते हुए पानी में उतरे थे। बड़े भाई विवेक को डूबता देख छोटा भाई बारिश उसे बचाने के लिए पानी में कूदा, लेकिन दोनों गहरे पानी में चले गए। अमलाई पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने मृतक परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र के ग्राम दुगानी रामजी फलिया में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने दो छोटे बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। इस दुखद घटना में तीनों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस को वरला थाना प्रभारी नारायण रावल की सूचना पर मौके पर पहुंचने के बाद महिला माया (24 वर्ष) और उसके डेढ़ व तीन वर्षीय बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, और शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट व विवेचना के बाद मौत के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
मुरैना शहर की सिंगल बस्ती में सोमवार सुबह सीवरलाइन के एक पाइप से दबकर चार साल की बच्ची अंशिका उर्फ अंशू की मौत हो गई। बच्ची घर के बाहर सड़क किनारे रखे पाइप पर खेलते हुए बैठ गई थी, जिसके लुढ़कने से वह उसके नीचे दब गई। जब तक उसे निकाला गया, उसने दम तोड़ दिया था। कोतवाली पुलिस ने मर्ग का प्रकरण दर्ज किया है। परिजनों ने सड़क निर्माण करवा रहे ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि ठेकेदार ने पाइप हटाने की बात नहीं मानी थी और उसे रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया था।
कर्नाटक के शिवमोगा जिले के इंदिरानगर में रविवार सुबह भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में 35 वर्षीय मल्लिकार्जुन, उनकी 28 वर्षीय पत्नी नागवेणी और उनका तीन साल का बेटा संतोष शामिल हैं, जो कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के रहने वाले थे। रात करीब ढाई बजे पहाड़ी का हिस्सा झोपड़ी पर गिरने से यह हादसा हुआ। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। दमकल और आपातकालीन सेवा विभाग तथा पुलिस की टीम ने बचाव अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला।
दमोह के हटा थाना क्षेत्र के ग्राम भटिया में शुक्रवार को लापता हुई 4 वर्षीय वैष्णवी का शव लगभग सात घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घर से 50 मीटर दूर एक गहरे पोखर से बरामद किया गया। बच्ची दोपहर करीब 3 बजे लापता हुई थी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक चले अभियान में शव को पोखर से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल हटा भेजा गया है। प्रारंभिक आशंका है कि बच्ची की मौत डूबने से हुई है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र के ग्राम शिलपुरी में आंगनबाड़ी से लौटे दो मासूम बच्चों की नाले में डूबने से मौत हो गई। छह वर्षीय साहिल परस्ते और पांच वर्षीय रोमिक पट्टा आंगनबाड़ी से छुट्टी के बाद दोस्तों संग नाले में नहाने गए थे, जहाँ गहराई का अंदाजा न मिलने से वे डूब गए। बच्चों के घर न लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन की। ग्रामीणों ने उन्हें नाले से निकालकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बरेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में शुक्रवार को बाढ़ के पानी में बह गई एक एसयूवी से एक महिला माधवी खंडारे और उनकी दो बेटियों के शव बरामद किए गए। यह परिवार बीते गुरुवार से लापता था। दरव्हा क्षेत्र में कुपटी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था, और चालक पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया, जिससे यह हादसा हुआ। वाहन के बहने के दौरान पति अविनाश खंडारे ने पेड़ को पकड़कर अपनी जान बचा ली। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने पूरी रात तलाशी अभियान चलाकर शवों को बरामद किया।