देवास की शंकरगढ़ पहाड़ी पर 7 वर्षों के प्रयासों के बाद एक जंगली बिल्ली देखी गई है, जो पर्यावरण सुधार का प्रतीक है। कभी अवैध उत्खनन का शिकार रही यह पहाड़ी अब वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय स्थल बन रही है। ग्रीन आर्मी, स्थानीय युवाओं, वन विभाग और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यहां हरियाली लौटी है। पहले यहां तेंदुआ और लकड़बग्घा भी देखे जा चुके हैं, जिससे खाद्य श्रृंखला और जैव-विविधता की बहाली का संकेत मिलता है।