मध्य प्रदेश विधानसभा ने मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत 8 विधेयक पारित किए, जिससे मध्य प्रदेश यूसीसी पारित करने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य बन गया है। इस विधेयक के तहत सितंबर 2008 के बाद हुए सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होगा, जिसे यूसीसी लागू होने के एक वर्ष के भीतर कराना होगा। यह कानून राज्य के बाहर रहने वाले मध्य प्रदेश के निवासियों पर भी लागू होगा। सरकारी या निजी नौकरी में वैवाहिक स्थिति बदलने के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा। संपत्ति विवादों में अदालत रक्षक नियुक्त कर सकेगी। सदन में यूसीसी पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।