गोवंश अखाड़ा के गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नीट पेपर लीक आंदोलन पर ‘द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी’ नामक फिल्म बनाने की घोषणा की है। जयपुर में की गई इस घोषणा के अनुसार, फिल्म आंदोलन के पीछे की उन परतों और कथित राजनीतिक साजिशों को उजागर करेगी जो आम लोगों के सामने नहीं आ सकीं। गोविंद देव ‘ब्रह्म’ ने छात्रों की मांगों को जायज ठहराया, लेकिन आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इस असली मुद्दे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया। उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने की बात कही है।
कांग्रेस की लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधा, जब पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में उनका स्वागत किया गया। प्रियंका ने इसे शर्मनाक बताते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन पर सवाल उठाए कि ऐसे मंत्री का स्वागत कैसे किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा और एनडीए सांसदों की कड़ी आलोचना की। गांधी ने सरकार पर छात्रों को परेशान करने और दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ इंस्टाग्राम हैंडलों पर लड़कियों की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। उन्होंने सरकार से बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करने या छात्रों को परेशान न करने का आग्रह किया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बॉलीवुड और मनोरंजन उद्योग के कई कलाकारों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, वीर दास जैसे सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बधाई दी और इसे युवाओं की जीत बताया। प्रियंका चोपड़ा ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का जिक्र करते हुए नई पीढ़ी की सराहना की। शबाना आजमी ने छात्रों को संविधान की ताकत साबित करने के लिए धन्यवाद दिया और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। कई कलाकारों ने लोकतंत्र और एकता पर जोर दिया, जबकि विजय वर्मा ने सरकार पर तंज कसा।
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन के पहले ही दिन प्रधान ने अपना त्यागपत्र पार्टी को सौंपा था, जिसे भाजपा ने पहले अस्वीकार कर दिया था, लेकिन बाद में बदलती परिस्थितियों के कारण स्वीकार कर लिया। विजयवर्गीय ने इसे अनुशासित कार्यकर्ता की पहचान बताया और दावा किया कि प्रधान का त्यागपत्र उन ताकतों की साजिश को विफल करने वाला कदम था, जो छात्र आंदोलन के जरिए देश में अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उन्होंने कांग्रेस पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का भी आरोप लगाया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों का एक कथित होटल पार्टी वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो को लेकर संगठन की कार्यशैली, नेतृत्व और आंदोलन की फंडिंग पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद सामने आए इस वीडियो को वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने साझा किया है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस पर टिप्पणी की है, जिससे हजारों छात्रों को दिए गए संदेश पर बहस छिड़ गई है। CJP ने प्रधान के इस्तीफे को अपनी बड़ी जीत बताया था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर जेन Z की प्रशंसा की, यह स्वीकार करते हुए कि उन्होंने पहले उन्हें हल्के में लिया था। उन्होंने कान पकड़कर दंड-बैठक की और जेन Z जैसा बनने की इच्छा व्यक्त की। सोनाक्षी ने कई अन्य पोस्ट भी किए और छात्रों के लिए न्याय की मांग की थी। अभिनेत्री पारुल गुलाटी ने भी प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया। CJP नेता अभिजीत दिपके ने CJI सूर्यकांत को धन्यवाद दिया, और आलिया भट्ट समेत कई सेलेब्स ने भी प्रतिक्रिया दी।
अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे पर सवाल उठाया। उन्होंने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो साझा किया, जिन्होंने सरकार के खिलाफ न झुकने पर इस्तीफे की बात कही थी। बैंस से पंजाब में फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और पिछले पेपर लीक मामलों को लेकर इस्तीफे की मांग की जा रही है। बैंस ने कहा कि यदि उनके पद छोड़ने से शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है तो वह तुरंत इस्तीफा देने को तैयार हैं। रणवीर शौरी और तारा देशपांडे जैसे अन्य सेलेब्स ने भी प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी।
सरकार ने नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए विपक्षी फ्लोर लीडर्स से संपर्क किया है। सरकार बिना किसी पूर्व शर्त के विस्तृत चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया है। मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा गरमाया हुआ है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। सरकार का उद्देश्य गंभीर चर्चा सुनिश्चित करना है, जबकि विपक्षी दल अपने रुख पर कायम हैं। इस बीच, सीबीआई मामले की जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है, जिसमें युवा भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक नीट अनियमितताओं के खिलाफ 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने मुकदमे वापस लेने पर बातचीत का प्रस्ताव दिया है, जबकि सीजेपी प्रधान के इस्तीफे, नीट पीड़ितों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे और पुलिस हिंसा में शामिल अधिकारियों की सजा पर अड़ी है। इस मुहिम को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भी मिल रहा है। सरकार ने वांगचुक से संपर्क साधा है, लेकिन सीजेपी जंतर-मंतर पर मंत्रियों से बातचीत की मांग कर रही है।
इंदौर के भंवरकुआं चौराहे पर छात्रों के आंदोलन पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई है, जहां प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी पहुंचाने वाले युवकों से पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास न किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने पुलिस उत्पीड़न के आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई और छात्रों के प्रति मानवीय व्यवहार का आग्रह किया।