मध्य प्रदेश सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना’ चला रही है, जिसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा कराई जाती है। महिला आवेदकों के लिए न्यूनतम आयु 58 वर्ष है। इस योजना में ट्रेन, बस और चुनिंदा मामलों में हवाई यात्रा, भोजन, ठहरने, स्थानीय परिवहन और गाइड का खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इच्छुक नागरिक tirth.samagra.gov.in पर या तहसील/जिला कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। पहचान पत्र, आयु, निवास, आय और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र आवश्यक हैं।
इंदौर में हरसिद्धि माता मंदिर के समीप स्थित 125 वर्ष से अधिक प्राचीन महाकालेश्वर शिव मंदिर सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। होल्कर काल में निर्मित इस मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व आज भी कायम है। होल्कर राजवंश ने इंदौर में कई शिव, गणेश और देवी मंदिरों का निर्माण कराया था। यह मंदिर 19वीं शताब्दी में होल्कर शासकों द्वारा बनवाया गया था, जिसमें संगमरमर नंदी और प्रस्तर शिवलिंग स्थापित है। वर्तमान में यह मंदिर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्गत संचालित होता है।
धार भोजशाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट 5 अगस्त को अंतिम सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के तहत खसरा संख्या 612 पर पहली नमाज के बाद अब नमाज की अंतरिम व्यवस्था के भविष्य पर न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन, मंदिर पक्ष और मस्जिद पक्ष, तीनों अंतिम सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। कानूनी जानकार मानते हैं कि अदालत अपना फैसला सुरक्षित रखने की स्थिति में वर्तमान व्यवस्था को जारी रखने का आदेश दे सकती है। दोनों पक्ष अपनी कानूनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
श्रावण मास के पहले सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। अवंतिकानाथ भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। यह सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से परंपरागत राजवैभव के साथ रवाना होगी। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ेंगे, और शहर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठेगा। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह पालकी को विदा करेंगे, और सशस्त्र बल गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। सुरक्षा के लिए 1200 पुलिसकर्मी, 500 से अधिक स्वयंसेवक, 5 ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे तैनात रहेंगे।