भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ा विवाद कूटनीतिक स्तर पर तनाव का कारण बन गया है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने की संभावना कमजोर है। भारत में शेख हसीना को प्रेस वार्ता की अनुमति दिए जाने पर बांग्लादेश ने गंभीर नाराजगी जताई है। ढाका का आरोप है कि हसीना को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति देना और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना एक साथ संभव नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने छात्रों और अभिभावकों से विरोध प्रदर्शनों में देश विरोधी तत्वों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास की जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद के साथ पुरानी तस्वीर साझा कर छात्र आंदोलनों पर सवाल उठाए। चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलनों के नाम पर हिंसा और देश को तोड़ने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और लोकतंत्र की रक्षा को प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य बताया और छात्रों को आंदोलन के नेताओं की विचारधारा को समझने की सलाह दी।
पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की शर्त रखी। उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। वांगचुक ने यह भी उल्लेख किया कि मंत्रियों ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद मुआवजे, संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने ‘संसद चलो’ मार्च को शांतिपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। वांगचुक ने कहा कि वह जीना चाहते हैं, लेकिन उन युवाओं की कीमत पर नहीं जिनके लिए आंदोलन शुरू हुआ।