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भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में 7951 संपत्तियों का हिसाब दिया, पहले 62 हजार चिह्नित करने का दावा था

नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों वाली संपत्तियों की पहचान और कार्रवाई के संबंध में विरोधाभासी आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। पहले 62 हजार से अधिक संपत्तियों को चिह्नित करने का दावा किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत शपथपत्र में केवल 7,951 मामलों में नोटिस जारी करने की जानकारी दी गई। निगम ने 190 परिसरों को बंद और सील करने की बात कही, जबकि वास्तव में केवल 7 प्रतिष्ठान सील किए गए थे। अवैध निर्माण के 296 मामले भी चिह्नित किए गए हैं।

आवासीय क्षेत्रों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को सुनवाई, निगम ने बदला शपथ-पत्र

भोपाल नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में चल रहे कारोबार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई की थी। निगम ने 62 हजार से अधिक संपत्तियां चिह्नित करने का दावा किया और कई प्रतिष्ठानों को सील या बंद कराया। व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई। निगम ने अपने शपथ-पत्र में आंकड़ों की विसंगति के बाद बदलाव कर नया शपथ-पत्र न्यायालय में पेश किया है। सर्वोच्च न्यायालय 15 सितंबर को इस मामले पर सुनवाई करेगा, जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा गठित समिति की वैधता पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

भोपाल नगर निगम आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक सेटअप सील करने की कार्रवाई आज से करेगा

भोपाल नगर निगम रविवार से आवासीय संपत्तियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। सैकड़ों मकान मालिकों के कंपाउंडिंग आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं क्योंकि मौजूदा प्रावधान इन गतिविधियों को नियमित करने की अनुमति नहीं देते। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हो रही है, जिसके लिए निगम ने नई एसओपी तैयार की है। निगम आयुक्त ने बैठक की और शहर में सर्वे के लिए टीमें गठित की गई हैं। रहवासियों ने नौ अगस्त को मशाल मार्च निकालने की घोषणा की है, जबकि निगम 21 जोन में सर्वेक्षण के बाद संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी करेगा।

भोपाल में बिना अनुमति 66 पेड़ काटने वाले ठेकेदार पर एफआईआर नहीं, सिर्फ जुर्माना

भोपाल में हरियाली बचाने के दावों के बीच दो मामले सामने आए हैं। एक में, अर्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने स्टेट डेयरी फार्म क्षेत्र में बिना अनुमति 66 पेड़ काट दिए, जिस पर नगर निगम ने 3.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। दूसरे मामले में, पटेल नगर में एक निजी स्कूल के सामने 100 से अधिक पुराने पेड़ों की कटाई की गई, जिसकी जिम्मेदार एजेंसी और परियोजना की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। निगम अधिकारियों ने बताया कि यह कटाई एनएचएआई के प्रोजेक्ट के लिए हुई, लेकिन मौके पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।

भोपाल में निगम की कार्रवाई से 65 प्रतिष्ठानों ने खुद बंद किए व्यावसायिक संचालन

भोपाल में नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। टीम 19 प्रतिष्ठानों को बंद कराने निकली थी, लेकिन 65 प्रतिष्ठानों ने स्वयं ही अपने व्यावसायिक संचालन बंद कर दिए। यह भोपाल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई थी, जिसमें कारोबारियों से पंचनामा भरवाकर दोबारा व्यावसायिक उपयोग न करने का लिखित आश्वासन लिया गया। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके लिए डेढ़ महीने पहले से नोटिस दिए जा रहे थे। अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बैंक को फिलहाल छूट दी गई है।

भोपाल में अवैध दुकानों के नोटिसों में खामियां, निगम की कार्रवाई पर सवाल

भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक दुकानों पर नगर निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बैरागढ़ में 800 से अधिक व्यापारियों को जारी नोटिसों में नगर निवेशक का नाम और जारी करने की तारीख गायब है। इन खामियों के कारण अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने निगम की कार्रवाई को महज दिखावा बताया है। 29 जुलाई को समाप्त हुई मोहलत वाली दुकानों पर किसान आंदोलन के कारण सीलिंग टाल दी गई, जिस पर निगम उपायुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश का इंतजार करने की बात कही।