मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, जिससे पूर्वी और मध्य क्षेत्र के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है। डिंडौरी के बजाग में सर्वाधिक 150 मिमी वर्षा हुई, जिससे नर्मदा और उसकी सहायक नदियां उफान पर आ गईं। मौसम विभाग ने 10 अगस्त के लिए रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विदिशा के पठारी क्षेत्र में 98 मिमी वर्षा से रेहटी और बघर्रू नदियां भी उफान पर हैं, जिससे कई मार्ग बाधित हुए हैं।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने नदियों में दूध अर्पित करने को आस्था का विषय बताया है और इस पर प्रतिबंध से इनकार किया। हालांकि, एनजीटी ने चेतावनी दी कि हजारों लीटर दूध प्रवाहित करने से जल पारिस्थितिकी प्रभावित हो सकती है, इसलिए आस्था और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन आवश्यक है। यह आदेश सीहोर जिले में नर्मदा नदी में 11 हजार लीटर दूध बहाने की घटना के बाद आया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में तत्काल गंभीर दुष्प्रभाव नहीं पाए गए, लेकिन विशेषज्ञों ने भविष्य में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड बढ़ने से जलीय जीवों को खतरे की आशंका जताई।