मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर के कचनारिया गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए उफनती नदी पार कर शव ले जाना पड़ा। गांव में श्मशान घाट तक पुल न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर कंधों पर शव ढोया। करण सिंह वर्मा 35 वर्षों से अधिक समय से विधायक हैं, फिर भी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। स्थानीय निवासियों में आक्रोश है और वे श्मशान घाट मार्ग पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं।
खरगोन के भगवानपुरा विकासखंड स्थित वन ग्राम धरमपुरी का डोंगल्यापानी गांव दशकों बाद भी विकास से वंचित है। यहां ग्रामीण उफनती कुंदा नदी को जान जोखिम में डालकर पार करने को विवश हैं। पुल और सड़क के अभाव में मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए खटिया या कपड़े की झोली का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों को पीपलझोपा पहुंचने के लिए एक ही नदी को पांच बार पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पुल और सड़क निर्माण के लिए कई बार ज्ञापन दिए हैं, लेकिन स्थिति यथावत है। एसडीओ आरईएस के अनुसार, पुल निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।