मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा कुशवाह समाज को ‘गुलाटी मारने वाला’ और ‘विश्वसनीयता खंडित करने वाला’ कहे जाने पर राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है। मुरैना में भाजपा जिलाध्यक्ष के आवास पर एक कार्यक्रम में दिए गए इस बयान पर कुशवाह समाज के पूर्व विधायकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी बताया है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ रहा है, जबकि भाजपा समर्थक नेता समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। विभिन्न नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को “कीड़ा” कहने के आरोप पर तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने अपने वक्तव्य में यह शब्द इस्तेमाल नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाए थे, जिस पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे गलतफहमी बताया। स्पीकर ने सार्वजनिक जीवन में शब्दों के चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी, ताकि अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया, जिसकी कुल राशि 7,765.77 करोड़ रुपये है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह बजट प्रस्तुत किया। इसमें नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान मिला है। अतिरिक्त राशि अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने में सहायक होगी। विभिन्न विभागों को भी महत्वपूर्ण आवंटन दिए गए हैं।