राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नर्मदा नदी में 11 हजार लीटर दूध अर्पण के मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि धार्मिक अनुष्ठानों में दूध अर्पित करने पर रोक लगाने वाला कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। हालांकि, एनजीटी ने इसे पर्यावरणीय दृष्टि से अनुचित माना और भविष्य में ऐसे आयोजनों पर विशेष निगरानी तथा एहतियात बरतने के निर्देश दिए। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) की रिपोर्ट में नर्मदा की जल गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पाया गया, लेकिन बड़ी मात्रा में दूध प्रवाहित करना पर्यावरण के लिए उचित नहीं माना गया।