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मुख्यमंत्री मोहन यादव संस्कार कांवड़ यात्रा में होंगे शामिल; जबलपुर के स्कूलों में अवकाश, यातायात मार्ग परिवर्तित

जबलपुर में सोमवार को मां नर्मदा के गौरीघाट से कैलाशधाम तक 33 किलोमीटर लंबी 16वीं संस्कार कांवड़ यात्रा निकली। मुख्यमंत्री मोहन यादव दोपहर करीब 12 बजे यात्रा में शामिल होकर पैदल चलेंगे। इस यात्रा में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी अपेक्षित है, जिसके चलते जबलपुर शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यात्रा भक्ति, उल्लास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, जिसमें कांवड़ियों ने नर्मदा जल के साथ पौधे भी ले जाए। शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और यातायात मार्ग परिवर्तित किए गए हैं।

मंडला में नर्मदा सहित कई नदियां उफान पर, आवागमन बाधित; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मंडला जिले में सावन माह की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बीती रात से रविवार दोपहर तक जारी रही वर्षा के कारण नर्मदा सहित सहायक नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे वे उफान पर आ गए। इसके चलते मंडला-डिंडौरी, मंडला-कान्हा और रामनगर नर्मदा पुल सहित कई ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हो गए। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां, जिनमें पुलिस, होमगार्ड और एसडीईआरएफ शामिल हैं, स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिली है, हालांकि सिंगारपुर क्षेत्र में सब्जियों की फसल को नुकसान की आशंका है।

धार जिले की कुक्षी माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से कार्य प्रारंभ, 247 गांवों की 75 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी

धार जिले में 2,717 करोड़ रुपये की कुक्षी माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से कार्य जारी है। यह परियोजना नर्मदा नदी के जल से जिले की चार तहसीलों के 247 गांवों की लगभग 75 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करेगी। नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा 14 जनवरी 2020 को स्वीकृत इस परियोजना में वर्ष 2022 में विस्तार किया गया था। वर्तमान में संपवेल और पंप हाउस का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके तहत 800 मीटर लंबी नहर का निर्माण भी शामिल है। परियोजना से क्षेत्र को सिंचाई, पेयजल और तालाबों में पानी भरने जैसे तीन प्रमुख लाभ मिलेंगे।

हरियाली अमावस्या पर नर्मदा घाटों पर स्नान प्रतिबंधित, जलस्तर खतरे के निशान के करीब

देवास जिले के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार वर्षा के कारण बढ़ रहा है। वर्तमान में जलस्तर 875 फीट है, जो खतरे के निशान 885 फीट से लगभग 10 फीट नीचे है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हरियाली अमावस्या पर बुधवार को नर्मदा के घाटों पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है। खातेगांव के एसडीएम राजेंद्र पंवार ने नेमावर, खातेगांव और हरणगांव क्षेत्र के सभी तटों पर स्नान पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। निचली बस्तियों में सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।

नेमावर में हरियाली अमावस्या स्नान प्रतिबंधित, नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 फीट नीचे

देवास के नेमावर में नर्मदा नदी का जलस्तर कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण बढ़ गया है। वर्तमान में यह खतरे के निशान 885 फीट से लगभग 10 फीट नीचे 875 फीट पर है। प्रशासन ने अप्रिय घटना रोकने के लिए हरियाली अमावस्या पर नर्मदा के घाटों पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है। खातेगांव के एसडीएम राजेंद्र पंवार ने नेमावर सहित खातेगांव और हरणगांव क्षेत्र के सभी तटों पर स्नान पर रोक के आदेश जारी किए हैं। निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, पर सतर्कता की सलाह दी जा रही है। नागर और सिद्धनाथ घाट आधे से अधिक डूब चुके हैं, जबकि श्रद्धालु अमावस्या स्नान के लिए पहुँच चुके हैं।

मध्य प्रदेश में तीन दिनों से वर्षा जारी, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है, और प्रदेश में 527 बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकाला गया है। भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है, जबकि इंदौर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, हालांकि 45 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

भारी बारिश से नर्मदा उफान पर, हरदा में घाटों पर स्नान-नौकायन प्रतिबंधित

हरदा जिले में नर्मदा घाटी में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ और जनहानि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा घाटों पर स्नान और नौकायन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 11 अगस्त 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती, बचाव उपकरणों की उपलब्धता और ग्रामीणों को जानकारी देने के निर्देश भी दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, जिससे पूर्वी और मध्य क्षेत्र के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है। डिंडौरी के बजाग में सर्वाधिक 150 मिमी वर्षा हुई, जिससे नर्मदा और उसकी सहायक नदियां उफान पर आ गईं। मौसम विभाग ने 10 अगस्त के लिए रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विदिशा के पठारी क्षेत्र में 98 मिमी वर्षा से रेहटी और बघर्रू नदियां भी उफान पर हैं, जिससे कई मार्ग बाधित हुए हैं।

जबलपुर में 10 अगस्त को 35 किमी की ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ में प्रकृति संरक्षण का संदेश

जबलपुर में 10 अगस्त को 35 किलोमीटर की ‘संस्कार कांवड़ यात्रा’ आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य भगवान शिव का जलाभिषेक और प्रकृति संरक्षण का संदेश देना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसमें शामिल होंगे। यात्रा ग्वारीघाट से शुरू होकर मटामर स्थित कैलाश धाम पहुंचेगी, जहां अखिलेश्वर महादेव का अभिषेक किया जाएगा और देववृक्ष स्थापित कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि यह यात्रा प्राचीन कांवड़ परंपरा को पर्यावरण चेतना से जोड़ती है, जिसमें नर्मदा जल के साथ देववृक्षों को शामिल किया गया है। महायोगी दादागुरु के सानिध्य में यह आयोजन सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का संदेश देगा।

नर्मदा किनारे रील-सेल्फी का जोखिम: दो युवकों की मौत के बाद भी नहीं बदली स्थिति

जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर रील और सेल्फी बना रहे हैं। तिलवाराघाट के पुराने छोटे पुल पर अवरोधों के बावजूद युवा पहुंच रहे हैं। हाल ही में दो युवकों की जान जा चुकी है, जिसमें रांझी निवासी शशांक उर्फ संदेश कोल की तिलवारा घाट पर डूबने से मौत शामिल है। इस स्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं अधिकारी लोगों से सावधानी बरतने और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं।