मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में कहा कि मध्य प्रदेश 2030 तक देश के 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता पिछले 12 वर्षों में 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है। रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने कोयले से सस्ती सौर ऊर्जा का टैरिफ स्थापित किया, जबकि आगर-शाजापुर-नीमच परियोजना ने रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ हासिल किया। राज्य में ऊर्जा भंडारण और रूफटॉप सौर योजनाओं का भी तेजी से विकास हो रहा है।