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इंदौर: जाति, मूलनिवासी और आय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया हुई आसान

मध्य प्रदेश में जाति, मूलनिवासी और आय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। आवेदक ऑनलाइन एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल या लोक सेवा केंद्र पर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। लोक सेवा प्रबंधन इंदौर के जिला प्रबंधक अमोघ श्रीवास्तव ने ‘हेलो नईदुनिया’ कार्यक्रम में बताया कि जाति प्रमाण पत्र 30 कार्य दिवस में और मूलनिवासी प्रमाण पत्र 7 दिन में जारी होता है। इंदौर में व्हाट्सएप चैट (9407035437) और 181 कॉल की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आवेदकों की समस्याओं का समाधान होता है और प्रक्रिया आसान बनती है।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 7 अगस्त से, प्रशासन हर शुक्रवार पहुंचेगा गांवों में

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 की शुरुआत 7 अगस्त से होगी, जिसके तहत हर शुक्रवार को अधिकारियों की टीम गांवों में पहुंचेगी। यह अभियान 3 जनवरी 2027 तक चलेगा और इसका उद्देश्य शिकायतों का मौके पर समाधान करना तथा सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। उज्जैन की ग्राम पंचायत खेमासा से शुरू होने वाले इस अभियान का नेतृत्व कलेक्टर रौशन कुमार सिंह करेंगे। यह पिछले जवाबदेही अभियान का अगला चरण है, जिसमें सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे उज्जैन में बढ़ रही शिकायतों का बोझ कम होगा।

मप्र के नगरीय निकायों को सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के कारण ‘डी’ रेटिंग, भोपाल शीर्ष पर

जुलाई 2026 में सीएम हेल्पलाइन पर नगरीय निकायों से संबंधित 51,610 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 44,126 का निराकरण नहीं हो सका। राज्य का औसत स्कोर 54.54 रहा, जिससे समग्र प्रदर्शन को ‘डी’ रेटिंग मिली। भोपाल ने सर्वाधिक 6,469 शिकायतें दर्ज कीं, जो कुल शिकायतों का 12.5% थीं। राजधानी में 4,086 शिकायतें लंबित हैं। शिकायत निवारण में भोपाल को दूसरा स्थान मिला, लेकिन मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर साफ-सफाई और सीवेज को लेकर असंतुष्टि बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में हर शुक्रवार को चलेगा जन विश्वास अभियान: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं और आमजनों की समस्याओं के त्वरित निदान हेतु ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की शुरुआत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में बताया कि यह अभियान हर शुक्रवार को चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, कलेक्टर और अन्य मैदानी अधिकारी फील्ड में जाकर सीधे लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। अभियान का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। यह अभियान सात अगस्त से शुरू होकर अगले साल 8 जनवरी तक चलेगा, जिसमें 20 प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।