रतलाम में वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में एमडी (मेफेड्रोन) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने 23 प्रकरणों में 81 आरोपितों को गिरफ्तार कर 14.175 किलोग्राम एमडी जब्त की, जो पिछले दो वर्षों की संयुक्त बरामदगी से अधिक है। राजस्व आसूचना निदेशालय ने एक नाइजीरियाई महिला से 2 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की। रतलाम की रणनीतिक स्थिति इसे ड्रग तस्करी और निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है। जनवरी और मार्च 2026 में दो एमडी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ, जिनके नेटवर्क कई राज्यों तक फैले थे। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी की बात कही।
डीआरआई ने रतलाम रेलवे स्टेशन पर एक नाइजीरियाई महिला ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। महिला के कब्जे से 2 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद की गई। खुफिया सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने नई दिल्ली से मुंबई जा रही ट्रेन में यात्रा कर रही महिला को रतलाम जंक्शन पर रोका। उसके ट्राली बैग की तलाशी में गुप्त कैविटी से सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मिला, जिसकी जांच में एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई। अब जांच एजेंसी मादक पदार्थ के स्रोत, तस्करी नेटवर्क और मुंबई में आपूर्ति के प्राप्तकर्ता का पता लगा रही है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) मप्र ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में दो बड़ी कार्रवाई कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। टीम ने उनके पास से 22 हजार ट्रामाडोल टेबलेट और 190 अफीम युक्त गोलियां जब्त की हैं। ये दोनों कार्रवाई 7 अगस्त को की गईं। आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर गहनता से पूछताछ और जांच की जा रही है, जिससे अवैध मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने एमडी ड्रग्स फैक्ट्री शुरू होने से पहले ही छापामार कार्रवाई कर लगभग 3 क्विंटल केमिकल जब्त किया। एसपी विनोद कुमार मीना की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। वहीं, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) मध्य प्रदेश की टीम ने गुजरात के मोरबी में फार्मा डायवर्जन रैकेट का खुलासा किया, जिसमें एक करोड़ रुपये से अधिक की एनआरएक्स दवाइयों के अवैध डायवर्जन की जानकारी मिली। इस कार्रवाई से पहले जोधपुर में भी दो आरोपियों से 31,520 एनआरएक्स टेबलेट बरामद हुई थीं। सीबीएन अब सप्लाई नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।