मध्य प्रदेश में लगभग 70 हजार सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सितंबर के अंत या अक्टूबर में आयोजित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) को इसका प्रस्ताव और सिलेबस भेज दिया है। इस परीक्षा में लगभग 35 हजार निजी स्कूल शिक्षक भी शामिल होंगे। प्रश्न बैंक 15 अगस्त तक विमर्श पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों की स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है, जिस पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है।
मध्य प्रदेश सरकार ने निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब फर्जी दस्तावेजों या गलत जानकारी के आधार पर मान्यता लेने वाले स्कूलों पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा और उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी संशोधित नियमों के तहत शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति और विभिन्न स्तरों पर अनिवार्य प्रयोगशालाएं होंगी। छात्र संख्या के आधार पर 25 हजार से एक लाख रुपये तक की सुरक्षा जमा राशि बैंक एफडी के रूप में जमा करनी होगी।
राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश के निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए नियमों के तहत, फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर मान्यता प्राप्त करने वाले स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था वाले स्कूलों को दो पालियों में संचालित करने की अनुमति मिलेगी। विज्ञान प्रयोगशालाओं को लेकर भी नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।