निर्वाचन आयोग ने अपना ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म 22 जनवरी 2026 से प्रारंभ किया है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची में नाम खोजना, जोड़ना और आवेदन की स्थिति जानना आसान हो गया है। इस प्लेटफॉर्म पर मतदाता पहचान पत्र से संबंधित कार्य और आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत भी की जा सकती है। ईसीआईनेट मतदाता पंजीकरण, डिजिटल मतदाता परिचय पत्र डाउनलोड और शिकायत निवारण सहित मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों तथा राजनीतिक दलों के लिए सभी प्रमुख सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है, जिससे अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने जून-जुलाई 2027 में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग पंचायतों में पंच और सरपंच पदों का मतदान भी पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराने की योजना बना रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो यह प्रदेश के इतिहास में पहला अवसर होगा जब स्थानीय निकाय और पंचायत के सभी पदों के चुनाव 100% ईवीएम से संपन्न होंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ने और परिणामों की घोषणा में तेजी आने की उम्मीद है।
भारत निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना और ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नया कार्यक्रम जारी किया है। तेलंगाना में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 को आधार तारीख मानकर की जाएगी, जिसमें मसौदा सूची 17 अगस्त 2026 को जारी होगी और दावे-आपत्तियां 16 सितंबर 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी। ओडिशा में 1 जुलाई 2026 को आधार तारीख माना गया है, जहां दावे-आपत्तियां 19 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी और अंतिम मतदाता सूची 21 सितंबर 2026 को जारी होगी। आयोग ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।
इंदौर जिले में नगरपालिकाओं और पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची का वार्षिक पुनरीक्षण-2026 पूरा हो गया है। अंतिम सूची 27 जुलाई को प्रकाशित की गई, जिसमें जिले में कुल 25.08 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें नौ नगरीय निकायों में 17.91 लाख और पंचायतों में 7.16 लाख मतदाता शामिल हैं। नगरीय निकायों में 9,00,979 पुरुष और 8,90,586 महिलाएं हैं, जबकि पंचायतों में 3,62,004 पुरुष और 3,54,507 महिलाएं हैं। इंदौर नगर निगम में सर्वाधिक 16.61 लाख और महू जनपद पंचायत में 2.05 लाख मतदाता हैं।