मैहर जिले के अमुआ प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक समय लाल कोल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उनके नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का दावा किया जा रहा है। उन पर बच्चों से स्कूल की सफाई कराने और दीवारों पर गुटखा थूकने के भी आरोप हैं। इस मामले में रामनगर विकासखंड अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और उनके निलंबन का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और शिक्षक के पक्ष का इंतजार है।
छिंदवाड़ा के एक पीएमश्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका उमा शर्मा को कक्षा 6 के विद्यार्थियों से आपत्तिजनक बातें कहने और धमकी देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने शिकायत की थी कि शिक्षिका बच्चों से बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड बनाने की बात कहती और कक्षा में गाना सुनाती थीं, साथ ही पुलिस में पहुंच का हवाला देकर धमकी भी देती थीं। स्कूल प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की जांच में ये आरोप सही पाए गए, जिसके बाद लोक शिक्षण संयुक्त संचालक ने निलंबन आदेश जारी किया। शिक्षिका ने इन आरोपों को शिक्षकों द्वारा की गई साजिश बताया है।
छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ का शुभारंभ किया और कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान तीन अधिकारियों को निलंबित किया। ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। जनपद पंचायत चौरई के सीईओ और श्रम अधिकारी का एक-एक इंक्रीमेंट भी रोका गया। मुख्यमंत्री ने हर शुक्रवार को जिला और तहसील स्तर पर ‘जनता दरबार’ आयोजित करने की घोषणा की और मध्य प्रदेश को ऐसा अभियान शुरू करने वाला पहला राज्य बताया।
मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने सतना के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.सी. राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक छात्रा के साथ अनुचित वार्तालाप के आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद हुई। डॉ. राय पर पद के दुरुपयोग, अमर्यादित आचरण, स्वेच्छाचारिता और लापरवाही के आरोप हैं। निलंबन मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत किया गया है। इस मामले में कॉलेज की छात्रा से कथित आपत्तिजनक बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। आगे विभागीय जांच की जाएगी।
शहडोल के पपौंध थाना में पदस्थ आरक्षक सुरेश सिंह (क्रमांक 608) को रिश्वत मांगने से जुड़े एक कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने निलंबित कर दिया है। वायरल ऑडियो में आरक्षक कथित तौर पर पांच हजार रुपये की मांग करते सुनाई दे रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिसकर्मियों को जनता के साथ अच्छे व्यवहार और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं, चेतावनी दी है कि अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होगी।
शहडोल में रिश्वत मांगने का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने पपौंध थाने के आरक्षक सुरेश सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया है। आरक्षक पर एक मामले के पीड़ित पक्ष से 5 हजार रुपये मांगने का आरोप है। एसपी ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और सभी पुलिसकर्मियों को जनता से अच्छा व्यवहार करने के निर्देश भी जारी किए हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ग्वालियर नगर निगम में संपत्तिकर रिकॉर्ड में हेरफेर के मामले में सहायक राजस्व निरीक्षक नरेंद्र कुशवाह को निलंबित कर दिया गया है। निगमायुक्त संघ प्रिय ने यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि एक संपत्ति की मूल आईडी के स्थान पर दूसरी संपत्ति आईडी का उपयोग कर रिकॉर्ड में बदलाव किया गया था। शिकायतकर्ता सुरेश बनवानी ने आरोप लगाया था कि उनकी संपत्ति की आईडी बदलकर दूसरी आईडी पर गलत दस्तावेजों से विक्रय और नामांतरण किया गया। ऑनलाइन जांच में 20 मार्च 2025 को संपत्ति स्वामी और कॉलोनी के नाम सहित विवरणों में बदलाव पाया गया, जिसके बाद कारण बताओ नोटिस का असंतोषजनक जवाब मिलने पर यह निलंबन हुआ।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अशोकनगर कलेक्टर को लगभग तीन वर्ष से निलंबित एक शासकीय कर्मचारी, बृजेंद्र सिंह यादव, के निलंबन की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने राज्य शासन के 28 जनवरी 2013 के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक छह माह में निलंबन की समीक्षा आवश्यक है। याचिकाकर्ता को 5 अगस्त 2021 को आपराधिक मामले के कारण निलंबित किया गया था। राज्य शासन ने फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी पाने के आरोप को गंभीर बताया, जबकि हाई कोर्ट ने कहा कि निलंबन प्रशासनिक निर्णय है, पर इसका समय-समय पर पुनर्विचार आवश्यक है।
डिंडौरी जिला अस्पताल में निलंबित नर्स भावना चौहान की बहाली की मांग को लेकर बुधवार सुबह से नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर है। डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है, जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। नर्स भावना चौहान को एक मरीज द्वारा चूहा मार दवा पीने के मामले में निलंबित किया गया था। डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को ही कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी। हड़ताल के कारण ओपीडी सेवाएं, सैंपल लेने और इंजेक्शन लगाने जैसे बुनियादी काम प्रभावित हुए हैं, जिससे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
मध्य प्रदेश के गवर्नमेंट प्रेस में रद्दी बिक्री में अनियमितताओं के मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पांच अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। डिप्टी कंट्रोलर लॉरेंस रॉबर्टसन को सात दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई 22 जुलाई को भास्कर ऐप के खुलासे के बाद हुई, जिसमें ट्रकों के वजन और धर्मकांटों की रसीदों में गड़बड़ी सामने आई थी। रद्दी उठाने वाली कंपनी मां ट्रेडर्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर एग्रीमेंट खत्म करने की चेतावनी दी गई है।