सरकार ने परिसीमन के लिए आवश्यक आंकड़े जुटा लिए हैं और अब उसका ध्यान संसद में गतिरोध समाप्त करने पर है ताकि संविधान संशोधन विधेयक के रूप में परिसीमन प्रस्ताव पेश किया जा सके। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष और अन्य मंत्रियों के साथ बैठक कर गतिरोध खत्म करने के विकल्पों पर चर्चा की। सरकार डीएमके और एनसीपी के शरद पवार गुट सहित विभिन्न दलों से समर्थन जुटाने का प्रयास कर रही है। विधेयक पारित करने के लिए 360 सांसदों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है, जबकि सरकार को अभी चार सांसदों की कमी है। विपक्ष ने अपनी मांगों का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे संसद सत्र की अंतिम तीन बैठकें महत्वपूर्ण हो गई हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड से शिकायतें की हैं। तिवारी ने दीपके के पिता की आय से अधिक संपत्ति, सीजेपी द्वारा बिना पंजीकरण चंदा जुटाने और कपिल सिब्बल से प्राप्त 1 करोड़ रुपये के फंड की जांच की मांग की है। उन्होंने NEET आंदोलन के दौरान की गई कथित अभद्र टिप्पणियों का भी जिक्र किया। दीपके और सीजेपी ने NEET पेपर लीक मामले में छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया है, लेकिन अब कानूनी और वित्तीय विवादों में घिर गए हैं।