संसद का मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के टकराव के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सत्र की 15 बैठकों में दोनों सदनों की कार्यवाही कुल 88 बार स्थगित हुई, जिसमें राज्यसभा 46 और लोकसभा 42 बार शामिल है। प्रतिदिन औसतन 7-8 घंटे के बजाय केवल एक घंटा काम हो सका। लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी नहीं हो पाए। हालांकि 10 विधेयक पारित हुए, विपक्ष के स्थगन प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हुई। नीट पेपर लीक पर 20 घंटे चर्चा के बावजूद आरोप-प्रत्यारोप हावी रहे, जिससे संसदीय कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।
एनसीपी (एससी) प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात को मौजूदा राजनीतिक हालात और छात्रों के मुद्दों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। इससे पहले, पवार और सुले नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने छात्रों का समर्थन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी समर्थन दिया। पवार ने केंद्र से छात्रों की मांगों को संवेदनशीलता से सुनने की अपील की। वहीं, सुप्रिया सुले ने एनसीपी (एससीपी) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों का खंडन किया।