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प्रो. करंदीकर: एक लाख करोड़ के शोध कोष से 10 साल में उभरेंगी कम से कम 10 बड़ी टेक कंपनियां

नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने ‘अनम्यूट भारत’ पॉडकास्ट में विकसित भारत 2047 के लिए विज्ञान और तकनीक का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यदि एक लाख करोड़ रुपये के शोध, विकास और नवाचार कोष का सही उपयोग होता है, तो अगले दस वर्षों में भारत से तकनीक के क्षेत्र में कम से कम दस बड़ी कंपनियां उभर सकती हैं। यह भारत को तकनीक का उपभोक्ता से निर्माता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा और एलन मस्क या स्टीव जॉब्स जैसी प्रतिभाओं को जन्म देगा। प्रो. करंदीकर ने सूचना युद्ध के खतरों और स्वदेशी तकनीक के विकास पर भी प्रकाश डाला।

नीति आयोग ने जारी किया इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स, 2030 तक 30% ईवी बिक्री का लक्ष्य

नीति आयोग ने इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स और ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया: 200 अरब डॉलर का अवसर’ रिपोर्ट जारी की है। इसका उद्देश्य राज्यों की ईवी तैयारियों का आकलन करना, चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाना और बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा देना है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक नई वाहन बिक्री में 30% ईवी हिस्सेदारी का लक्ष्य रखता है। ईवी क्षेत्र से अगले कुछ वर्षों में 200 अरब डॉलर का आर्थिक अवसर और लाखों नए रोजगार पैदा होने का अनुमान है। जुलाई 2026 में कुल वाहन खुदरा बिक्री 25.89% बढ़कर 25,91,138 इकाई हो गई, जिसमें यात्री कारों की बिक्री 19.1% बढ़ी।

1991 बैच के आईएएस अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त

मध्य प्रदेश में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मुख्य सचिव अनुराग जैन के नीति आयोग के सीईओ बनने के बाद हुई है। बर्णवाल से वरिष्ठ 1990 बैच के आईएएस डॉ. राजेश कुमार राजौरा और 1991 बैच के मनोज गोविल को पीछे छोड़ते हुए राज्य सरकार ने उन पर भरोसा जताया। बर्णवाल को शांत, निर्विवाद और मेहनती अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जिनके पास विभिन्न विभागों का व्यापक प्रशासनिक अनुभव है और वे पूर्व मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव भी रह चुके हैं।

अनुराग जैन नीति आयोग के नए सीईओ नियुक्त

केंद्र सरकार ने 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने बुधवार को इस नियुक्ति को मंजूरी दी। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल स्वीकृत सेवा-अवधि तक अथवा अधिकतम दो वर्ष तक रहेगा। इस नियुक्ति से मुख्य सचिव के रूप में उनके दूसरे सेवा विस्तार की अटकलें समाप्त हो गई हैं। जैन अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा पीएमओ में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।

आईएएस अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव नियुक्त, अनुराग जैन नीति आयोग के सीईओ बने

आईएएस अशोक बर्णवाल को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे 1991 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा हैं। वहीं, 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया है। जैन इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव थे और उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार मिला था। बर्णवाल अपनी बेदाग छवि और अनुभवी कार्यकाल के लिए जाने जाते हैं, जबकि जैन ने जनधन योजना सहित कई महत्वपूर्ण केंद्रीय पदों पर कार्य किया है।

अशोक बर्णवाल मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव नियुक्त

मध्य प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। 1991 बैच के आईएएस अधिकारी बर्णवाल वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन का स्थान लेंगे। अनुराग जैन को केंद्र सरकार द्वारा नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। बर्णवाल वर्तमान में अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद पर कार्यरत हैं और उनके पास भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास का अतिरिक्त प्रभार भी है। यह आदेश बुधवार को जारी किया गया।

नीति आयोग इंडेक्स: मध्य प्रदेश निवेश के लिए देश का सातवां सबसे अनुकूल राज्य

मध्य प्रदेश नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में देश के सबसे अनुकूल राज्यों में सातवें स्थान पर है, जबकि बड़े राज्यों में यह पांचवें नंबर पर है। प्राकृतिक संसाधन, नीतिगत स्थिरता, संस्थागत दक्षता और कुशल मानव संसाधन प्रदेश को निवेश का मजबूत गंतव्य बनाते हैं। हालांकि, नवाचार और कारोबारी माहौल ऐसे क्षेत्र हैं जहां सुधार की आवश्यकता है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रणनीतिक सेतु का काम करती है। वर्ष 2024 में गैर-धात्विक खनिज उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 15.6 प्रतिशत रही और यह दूसरे स्थान पर था। वर्ष 2023 में 12,819 नए तकनीकी कार्यबल तैयार किए गए।