मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सोमवार देर रात नौकरशाही में हुए बड़े फेरबदल का हिस्सा है। इससे पहले, वह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव थीं। मुखर्जी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ भी रह चुकी हैं, जहां उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उच्च शिक्षा सचिव के तौर पर उनके सामने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसी चुनौतियां होंगी।
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक संतान वाले लगभग 25 साल पुराने प्रावधान को खत्म करने का मामला नौकरशाही स्तर पर अटक गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) अब तक इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं ला सका। पूर्व मुख्य सचिव के कार्यकाल में भी वरिष्ठ सचिव समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। मुख्यमंत्री ने GAD के एक ड्राफ्ट पर भी आपत्ति जताई थी, जिसमें यह पाबंदी बरकरार रखी गई थी। इस प्रावधान को 2001 में लागू किया गया था और कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने बुधवार को इस नियुक्ति को मंजूरी दी। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल स्वीकृत सेवा-अवधि तक अथवा अधिकतम दो वर्ष तक रहेगा। इस नियुक्ति से मुख्य सचिव के रूप में उनके दूसरे सेवा विस्तार की अटकलें समाप्त हो गई हैं। जैन अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा पीएमओ में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।