जबलपुर हाई कोर्ट में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले की 14वें दिन की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने सुझाव दिया कि यदि आरक्षण से समस्या है तो इसे समाप्त कर दिया जाए और सरकारी नौकरी में कक्षा एक से 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़े छात्रों को प्राथमिकता मिले। न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर चिंता जताई और ‘विद्या दान’ पहल का उल्लेख किया। ओबीसी पक्ष ने 2019 के सरकारी जवाब और महाजन व मंडल आयोग की रिपोर्टों का हवाला देते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण बरकरार रखने का आग्रह किया।
मध्य प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण, पावर ट्रांसमिशन और पावर मैनेजमेंट कंपनियों में कार्यरत लगभग छह हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। रिक्त नियमित पदों के 50 प्रतिशत संविदाकर्मियों से भरे जाएंगे। पात्र कर्मचारियों को अक्टूबर से पहले 100 अंकों की ऑनलाइन विभागीय परीक्षा देनी होगी। अनुसूचित जाति-जनजाति और ओबीसी वर्ग को 40%, जबकि अनारक्षित वर्ग को 50% अंक प्राप्त करने होंगे। अनुभव के लिए अधिकतम 30 बोनस अंक दिए जाएंगे। मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी महासंघ ने ऐसी ही व्यवस्था अन्य विभागों में भी लागू करने की मांग की है।