देशभर की राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) पीठों के सामने पुनरुद्धार योजनाओं की मंजूरी के 383 आवेदन लंबित हैं। इन मामलों में 48 से 738 दिनों तक की देरी देखी गई है, जबकि दिवाला एवं दिवालियापन संहिता में अधिकतम 330 दिन की समयसीमा निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2026 में एक मामले पर गौर करने के बाद पूरे देश के आंकड़े मंगवाए। एवीजे हाइट्स के फ्लैट मालिकों का मामला भी दो साल से अटका है, जिसके बिल्डर के खिलाफ 2019 में दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई थी।