मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने स्वर्णरेखा नदी के प्रदूषण और पुनर्जीवन पर दायर जनहित याचिका पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने नगर निगम और राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों, भविष्य की योजनाओं और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने नगर निगम से नदी में कचरा डालने वाले स्रोतों और धरातल पर की गई कार्रवाई के बारे में भी पूछा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त 2026 को होगी।