मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने जेलों में बंद कैदियों के पहचान सत्यापन, आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक खाते जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार करने के लिए हर माह विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य सरकार को जिला कलेक्टरों के माध्यम से 15 दिन के भीतर यह प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कैदियों को कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। यह निर्देश सिंगरौली निवासी प्रहलाद प्रसाद विश्वकर्मा की अपील पर दिया गया, जिनके बेटे का कैंसर उपचार चल रहा है और बैंक खाता निष्क्रिय है।
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है, जिसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नमाज के लिए निर्धारित दूसरी जगह धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर से काफी दूर है। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से राज्य सरकार से यह जानकारी लेने को कहा कि क्या विवादित परिसर के पास नमाज के लिए कोई वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जा सकती है। मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन द्वारा तय की गई जगह को लगभग दो किलोमीटर दूर बताया, जबकि सरकार ने इसकी दूरी 900 मीटर बताई है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिए गए आदेश का पूरी भावना के साथ पालन करने पर जोर दिया है।