मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 सहित छह महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इन विधेयकों का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, कर प्रणाली और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के तहत कुलपति और प्रतिकुलपति के स्थान पर कुलगुरु और प्रति कुलगुरु पदनाम होंगे, साथ ही कुलगुरु चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए भूमि और एंडोमेंट फंड की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।