मध्य प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों को अब उनके विकास के लिए श्रेणीकरण के आधार पर बजट मिलेगा, जिससे भेदभाव समाप्त होगा। विकसित भारत योजना-रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें 1,000, 8,000 और 14,000 पंचायतें शामिल हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस श्रेणीकरण को स्वीकृति दे दी है। नौ सूचकांकों और 100 अंकों की ग्रेडिंग के आधार पर यह वर्गीकरण किया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए वित्तीय अधिकारों में वृद्धि की है। नए निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायत 25 लाख और जिला पंचायत व कलेक्टर 2 करोड़ रुपये तक की प्रशासनिक स्वीकृति दे सकेंगे। तकनीकी स्वीकृति के लिए भी सहायक यंत्री से अधीक्षण यंत्री तक की सीमाएं तय की गई हैं। वित्त विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किए, जिससे विकास कार्यों की प्रक्रिया विकेंद्रीकृत होगी और उच्च स्तर की स्वीकृति की आवश्यकता कम होगी। विशेष मरम्मत कार्यों के लिए भी अलग-अलग स्तरों पर स्वीकृति सीमाएं निर्धारित की गई हैं।
भोपाल की जनसुनवाई में कई शिकायतें दर्ज की गईं। खोकरिया गांव के नर्मदा प्रसाद ने बताया कि वे 26 साल से रह रहे हैं, फिर भी उनका नाम स्वामित्व योजना में शामिल नहीं किया गया। एडीएम सुमित पांडे ने जांच के आदेश दिए। वहीं, ग्राम पंचायत अगरिया के सरपंच सुनील कुमार ने पंचायत सचिव हेम सिंह राजपूत पर विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया, जिसकी जांच जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को सौंपी गई है। बैरसिया निवासी मोहम्मद जुनैद ने पत्नी को वापस लाने की गुहार लगाई। कुल 153 शिकायतें दर्ज हुईं। आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने एमपी में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की।
मध्य प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय उपचुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। शनिवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। आगर-मालवा की सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी ने कांग्रेस के विष्णु पाटीदार को 960 मतों से हराकर जीत हासिल की। राजनगर की सीलोन पंचायत में भी भाजपा समर्थित रामसखी पटेल विजयी रहीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पंचायत उपचुनाव के परिणाम जारी किए गए, जिनमें कई भाजपा और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को सफलता मिली। कुल 103 पदों के लिए मतदान हुआ था।
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची तैयार कर जिलों में प्रकाशित कर दी है। यह सूची भारत निर्वाचन आयोग के स्पेशल इन्टेंशिव रिविजन के आधार पर अपडेट की गई है। सूची को पारदर्शी बनाने के लिए स्थायी रूप से स्थानांतरित, दोहरे और मृतक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी अपडेटेड सूची के आधार पर नवंबर-दिसंबर में खाली पड़े पदों पर उपचुनाव होंगे। दतिया उपचुनाव में 71.44% मतदान दर्ज किया गया।
इंदौर जिले में नगरपालिकाओं और पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची का वार्षिक पुनरीक्षण-2026 पूरा हो गया है। अंतिम सूची 27 जुलाई को प्रकाशित की गई, जिसमें जिले में कुल 25.08 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें नौ नगरीय निकायों में 17.91 लाख और पंचायतों में 7.16 लाख मतदाता शामिल हैं। नगरीय निकायों में 9,00,979 पुरुष और 8,90,586 महिलाएं हैं, जबकि पंचायतों में 3,62,004 पुरुष और 3,54,507 महिलाएं हैं। इंदौर नगर निगम में सर्वाधिक 16.61 लाख और महू जनपद पंचायत में 2.05 लाख मतदाता हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 सहित छह महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इन विधेयकों का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, कर प्रणाली और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के तहत कुलपति और प्रतिकुलपति के स्थान पर कुलगुरु और प्रति कुलगुरु पदनाम होंगे, साथ ही कुलगुरु चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए भूमि और एंडोमेंट फंड की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।