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मध्य प्रदेश में 37 लाख छात्रों की ‘अपार ID’ नहीं बन पाई

मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार की ‘अपार ID’ योजना धीमी गति से चल रही है, जिसके कारण लगभग 37 लाख (30%) छात्र अभी भी डिजिटल पहचान से वंचित हैं। प्रदेश के कुल 1.40 करोड़ छात्रों में से केवल 1.03 करोड़ का ही पंजीकरण हो पाया है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहर इस अभियान में पिछड़ गए, जबकि डिंडौरी, मंडला और उज्जैन जैसे छोटे जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया। आधार संबंधी विसंगतियां, नाम की अशुद्धियां और अभिभावकों की सहमति न मिलना पंजीकरण में मुख्य बाधाएं हैं। यह आईडी शैक्षिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखती है और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में सहायक है।

महाराष्ट्र में एप आधारित यात्री सेवा कंपनियों के लिए 1 सितंबर तक पंजीकरण अनिवार्य, उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई

महाराष्ट्र में एप आधारित यात्री सेवा प्रदान करने वाली सभी एग्रीगेटर कंपनियों को 1 सितंबर तक परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानूनी नियमों का पालन कराने के लिए यह नई नीति लागू की गई है। इसके तहत वाहनों का वैध परमिट, पंजीकरण और बीमा होना चाहिए, तथा ड्राइवर योग्य होने चाहिए। कंपनियों को यात्रियों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

आरटीओ कार्यालयों में 1 से 15 अगस्त तक लंबित कार्यों के निपटारे के लिए विशेष अभियान

प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों में एक से पंद्रह अगस्त तक जनता के लंबित कार्यों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त किरण शर्मा के अनुसार, इस अभियान में ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसका निराकरण कार्यालय स्तर पर या शिविर लगाकर होगा। सभी जिलों से आवेदनों का डेटा भी मांगा गया है। हालांकि, परिवहन विभाग की कई सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद क्वेरी आने पर वाहन मालिकों को कार्यालय बुलाया जाता है।