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उच्च शिक्षा विभाग ने 16 कर्मचारियों को रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नत किया

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने 16 महाविद्यालयों में कार्यरत तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को द्वितीय श्रेणी के रजिस्ट्रार (पंजीयक) के पद पर पदोन्नत किया है। विभाग ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया, जिसके बाद वर्षों से प्रतीक्षारत इन कर्मचारियों को पदोन्नति मिली। इन रजिस्ट्रारों को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, गुना, टीकमगढ़ सहित विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों और संस्थानों में आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है। यह पदस्थापना सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय, जबलपुर में लंबित याचिकाओं के अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी।

मप्र पुलिस में आरक्षक से इंस्पेक्टर पदोन्नति प्रक्रिया तेज, पीएचक्यू का डीपीसी बैठकें सितंबर-नवंबर में कराने का निर्देश

मप्र पुलिस में आरक्षक से इंस्पेक्टर संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कदम उठाए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत, पीएचक्यू ने सभी पुलिस इकाइयों को सितंबर से नवंबर के बीच विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है। स्पेशल डीजी प्रशासन आदर्श कटियार द्वारा 1 सितंबर को जारी पत्र में चयन वर्ष 2027 (31 दिसंबर 2027 तक की रिक्तियों) के लिए पात्र लोक सेवकों पर विचार करने को कहा गया है। नए नियमों के अनुसार, डीपीसी बैठकें अब वार्षिक कैलेंडर का हिस्सा होंगी।

मध्य प्रदेश पुलिस में 223 अधिकारी निरीक्षक पद पर पदोन्नत

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने 223 कार्यवाहक निरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत करने का आदेश जारी किया है। यह पदोन्नति आदेश विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक और उसके प्रतिवेदन के आधार पर जारी किया गया है। इन अधिकारियों को निरीक्षक के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से पदोन्नत किया गया है और उन्हें मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-10 में प्रवेश मिलेगा। पूर्व में 1029 लोक सेवकों को भी इसी प्रक्रिया के तहत पदोन्नत किया गया था। पदोन्नत अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ हैं।

मध्य प्रदेश गृह विभाग ने 11 डीएसपी अधिकारियों को एएसपी पद पर अस्थायी प्रभार दिया

मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। विभाग ने 11 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) संवर्ग के अधिकारियों को अस्थायी रूप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) पद पर पदोन्नत कर नई पदस्थापनाएँ दी हैं। यह आदेश गृह विभाग, वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा 09 सितंबर 2026 को अवर सचिव अन्नू भलावी के हस्ताक्षर से जारी किया गया। अधिकारियों को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से स्थानांतरित कर भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सतना, गुना और छतरपुर सहित विभिन्न जिलों में नियुक्त किया गया है।

प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को अगले साल फिर मिलेगी पदोन्नति

प्रदेश सरकार एक लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को इस साल पदोन्नति देने के बाद अगले साल फिर से पदोन्नति की तैयारी कर रही है। इसमें पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले और वर्ष 2016 से पदोन्नति पर रोक के चलते रुके हुए अधिकारी-कर्मचारी पात्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्टूबर-नवंबर में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए पदोन्नति नियमों में संशोधन किया जाएगा। न्यूनतम सेवा अवधि में छूट का प्रविधान कर 31 दिसंबर 2027 तक के प्रत्याशित पदों को भी शामिल किया जाएगा।

भोपाल नगर निगम: 13 सहायक यंत्री पदोन्नति के बाद बिना काम, छह को तीन माह से नहीं मिली जिम्मेदारी

भोपाल नगर निगम में इंजीनियरों की पदस्थापना को लेकर अजीब स्थिति सामने आई है। एक ओर 13 पदोन्नत सहायक यंत्री बिना काम बैठे हैं, जिनमें से छह को तीन महीने से कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है। दूसरी ओर, निगम के कई जोन और महत्वपूर्ण शाखाएं इंजीनियरों की कमी से जूझ रही हैं, और 48 उपयंत्री सहायक यंत्री का प्रभार संभाल रहे हैं। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

राजस्व निरीक्षकों ने नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर पदोन्नति की मांग की

मध्य प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ, जिला भोपाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को पत्र लिखकर नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति देने की मांग की है। संघ का कहना है कि इस अवसर से राजस्व निरीक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन पर वित्तीय भार भी कम होगा। पत्र में बताया गया है कि नायब तहसीलदार के स्वीकृत पदों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जबकि राजस्व निरीक्षक संवर्ग में पर्याप्त कर्मचारी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: छिंदवाड़ा में 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा में 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्षों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई है और शेष अधिकारियों को सितंबर-अक्टूबर तक पदोन्नति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विभिन्न विभागों में नई भर्तियों की जानकारी दी, जिनमें पुलिस में 18,000 से अधिक और शिक्षकों के 10,000 से अधिक पद शामिल हैं। डॉ.

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण नीति बनाने की सिफारिश

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए एक नीति बनाने की सिफारिश की है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र भेजा है, जिसमें 2023 की पूर्व अनुशंसा का पालन न होने और राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में लागू नीतियों का उल्लेख किया गया है। यह अनुशंसा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 34 के प्रावधानों पर आधारित है।

पदोन्नति में आरक्षण नियम निरस्ती को सरकार की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसके कारण अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति पर अनिश्चितता बनी हुई है। हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम-2002 को निरस्त किया था, जिसे सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और यह मामला अभी विचाराधीन है। मई 2016 से पदोन्नतियां बंद थीं, जिसके बाद सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उच्च पद का प्रभार दिया। नए पदोन्नति नियम-2025 लागू होने के बाद जून से लगभग 60 हजार पदोन्नतियां हुई हैं, हालांकि हाई कोर्ट में इन नियमों पर सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के शीघ्र निराकरण के लिए प्रयास करने को कहा है।